
Etah Police Arrested the Criminal: एटा जिले में जलेसर थाना क्षेत्र से स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की संयुक्त टीम ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े ऑनलाइन अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को पास से 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए शातिर के पास से CSEAM (Child Sexual Exploitation and Abuse Material) मिला है।
पुलिस टीम ने एटा SSP डॉ. इलामारन जी के निर्देशन में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन फोन की जिनकी डिजिटल जांच में 1000 से अधिक आपत्तिजनक फोटो/वीडियो मिले हैं। आरोपी ने एक 4 साल की मासूम बच्ची का छेड़खानी वाला एडिटेड वीडियो अपने गूगल ड्राइव में सेव कर रखा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ का एडिटेड वीडियो बनाकर उसे अपनी गूगल ड्राइव में सेव किया था। इसके बारे में अमेरिका की एजेंसी 'नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन' (NCMEC) ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय को एक साइबर टिपलाइन अलर्ट भेजा था। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, BNS और IT एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए आरोपी ने इंटरनेट का गलत इस्तेमाल करके 4 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ का वीडियो एडिट करके अपने पास रखा था।
आरोपी ने इंटरनेट से बच्ची के साथ छेड़छाड़ का वीडियो एडिट किया और उसे अपने गूगल ड्राइव पर अपलोड कर दिया। डिजिटल वर्ल्ड में बच्चों से जुड़े इस गंभीर अपराध के कारण वह सीधे अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी NCMEC की रडार पर आ गया। इसके बाद अमेरिका की एजेंसी ने भारत सरकार को अलर्ट भेजा। इस तरह से शातिर पकड़ा गया है।
आपत्तिजनक गतिविधि को ट्रैक करने के बाद अमेरिकी एजेंसी NCMEC हरकत में आई और भारत को अलर्ट भेज दिया। अमेरिकी एजेंसी ने भारत के गृह मंत्रालय को NCRP पोर्टल के माध्यम से महत्वपूर्ण टिप भेजी, जिसमें साक्ष्य के तौर पर 21 फोटो और वीडियो शामिल थे। गृह मंत्रालय से इनपुट मिलते ही एटा पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई।
एएसपी क्राइम योगेंद्र सिंह ने बताया कि जलेसर से पकड़े गए आरोपी के दोनों मोबाइलों की फॉरेंसिक और डिजिटल जांच में 1000 से अधिक अश्लील और न्यूड फाइलें मिली हैं। पुलिस अब गहनता से यह जांच कर रही है कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इस अवैध सामग्री का स्रोत क्या है?