इटावा

अखिलेश यादव ने जिन्हें सम्मानित किया, उनके लिए जारी हुआ गिरफ्तारी का वारंट, भागे फिर रहे कथावाचक

Arrest warrant issued against story tellers इटावा में उन कथावाचकों के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। जिन्हें अखिलेश यादव ने अपने कार्यालय में सम्मानित किया था। जो पुलिस की गिरफ्त से अभी तक बाहर है।
2 min read
Jul 19, 2025
कथावाचकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (फोटो सोर्स- 'X' अखिलेश यादव वीडियो ग्रेब)
फोटो सोर्स- 'X' अखिलेश यादव वीडियो ग्रेब

Arrest warrant issued against story tellers इटावा में उन कथावाचकों के खिलाफ अदालत में वारंट जारी किया है। जिन्हें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने कार्यालय में बुलाकर सम्मानित कर चुके हैं। हारमोनियम के साथ नगद रुपया देकर उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया। इधर मुकदमा दर्ज होने के बाद कथावाचक अंडरग्राउंड हो गए। लेकिन जमानत के लिए उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। जिसे अदालत में खारिज कर दिया। विवेचना अधिकारी ने इस संबंध में अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कथावाचकों की गिरफ्तारी वारंट की मांग की। विवेचना अधिकारी के प्रार्थना पत्र पर अदालत में कथावाचकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। मामला इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र का है।

पिटाई का वीडियो हुआ था वायरस

उत्तर प्रदेश के इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत दादरपुर गांव में 22 जून को कथावाचकों की पिटाई का मामला सामने आया था। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कर पिटाई करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इधर मुख्य यजमान रेनू तिवारी ने थाना में तहरीर देकर 24 जून को कथावाचकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

कथावाचकों पर दर्ज हुआ मुकदमा

अपनी तहरीर में रेनू तिवारी ने बताया था कि कथावाचक मुकुट सिंह यादव और संत सिंह अपनी जाति छुपा कर कथा कहने के लिए आए थे। उनके पास दो नामों के अलग-अलग आधार कार्ड भी थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद मुकुट सिंह यादव और संत सिंह अंडरग्राउंड हो गए। लेकिन उन्होंने अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। बीते 16 जुलाई को अदालत में कथावाचक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

कथावाचकों की मुसीबतें बढ़ी

इधर झांसी जिले के पुंछ थाना प्रभारी जेपी पाल कथावाचकों को पूछताछ के लिए लगातार तलाश कर रहे हैं। लेकिन दोनों विवेचना अधिकारी की पकड़ से बाहर है। उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की। जिसे अदालत में स्वीकार कर लिया और कथावाचकों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर दिया। इसके बाद कथावाचकों की मुसीबतें और बढ़ने वाली है। ‌

दादरपुर गांव की घटना

इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत दादरपुर गांव में 21 से 27 जून के बीच भागवत कथा आयोजित की गई थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था।‌ जिसमें कथावाचकों की पिटाई और उनके बाल काटने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने कथावाचकों की तहरीर से मुकदमा दर्ज करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

अखिलेश यादव ने कार्यालय में किया सम्मानित

अखिलेश यादव ने दोनों कथा वाचकों को अपने कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया और उन्हें हारमोनियम भी गिफ्ट किया। इस मौके पर अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला था। इसके बाद मामला तूल पकड़ा था। अब कथावाचकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

Published on:
19 Jul 2025 08:12 pm