फर्रुखाबाद

बाढ़ का डरावना मंजर: नाव में प्रसूता तो ट्रैक्टर में नवजात की मौत, जल शक्ति मंत्री के सामने फूटा गुस्सा

Horrifying scene of flood: फर्रुखाबाद में बाढ़ से जान माल का भी नुकसान हो रहा है। बाढ़ आने के बाद से प्रसूता और नवजात की मौत हो गई। जल शक्ति मंत्री को बाढ़ पीड़ितों की नाराजगी झेलने पड़ी।

2 min read
फोटो सोर्स- 'X' वीडियो ग्रैब)

Horrifying scene of flood: फर्रुखाबाद में बाढ़ विकराल रूप लेता जा रहा है। बाढ़ पीड़ित हाईवे पर टेंट लगाकर रहने को मजबूर है। लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इधर प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल जा रही महिला का ट्रैक्टर बाढ़ के पानी में फंस गया। काफी देर प्रयास किया गया। लेकिन सफलता नहीं मिली। ट्रैक्टर में ही प्रसव हो गया। लेकिन नवजात को बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई। इसके पहले प्रसव पीड़ित महिला की नाव में मौत हो चुकी है। इधर जल शक्ति मंत्री पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने के लिए पहुंचे तो उन्हें आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उनका सब कुछ बर्बाद हो गया और प्रशासन नुकसान को कम आ रहा है। इस पर दिल शक्ति मंत्री ने जिला प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त की।

ये भी पढ़ें

कन्नौज में पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ मुकदमा, 10 नामजद, 20-25 अज्ञात

कायमगंज तहसील की घटना

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के कायमगंज नगला बसोला गांव निवासी सोमवती पत्नी संतराम को परसों कीड़ा हुई। जिसे ट्रैक्टर से शाहजहांपुर स्थित कलान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था। इसी बीच बसोला और बांध के पास ट्रैक्टर बाढ़ के पानी में फंस गया। ट्रैक्टर चालक ने निकलने का काफी प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच सोमवती ने बच्चों को जन्म दिया। लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।

पहले ही एक प्रसूता की हो चुकी है मौत

इसके पहले सदर तहसील के पंखियन मढ़ैया निवासी जमुना खातून पत्नी जरिस मोहम्मद को बीते शुक्रवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। जिसे नाव से सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा था। करीब आधे घंटे का सफर तय करने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। इसके पहले कि वह अस्पताल पहुंच पाती है। नाव में ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

स्वतंत्र देव सिंह पहुंचे बाढ़ पीड़ितों के बीच

बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने पहुंचे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाढ़ पीड़ितों का कहना था कि उनका सब कुछ तबाह हो चुका है और जिला प्रशासन कम नुकसान दिख रहा है। इसके पहले जिला प्रशासन में जल शक्ति मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बाढ़ पीड़ितों के पास पहले से ही राहत सामग्री को रखवा दिया गया था। इस बीच जल शक्ति मंत्री मौके पर पहुंचे।

समस्या के समाधान का आदेश

लेकिन 15 मिनट में वापस जाने लगे। जिस पर ग्रामीणों ने जल शक्ति मंत्री की पीछे दौड़ लगा दी। उनका कहना था कि वह लोग भी अपनी बात रखना चाहते हैं। इन महिलाओं में सुशीला, रामवती, बेनावती, प्रेमवती, निर्मला, मंजू आदि शामिल थी। बाढ़ पीड़ितों की समस्या पर स्वतंत्र देव सिंह ने जिला प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं के समाधान का आदेश किया।

ये भी पढ़ें

महिला पीएसी वाहिनियों सहित अन्य सुरक्षा बलों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू, देखें नोटिफिकेशन

Updated on:
18 Aug 2025 08:35 am
Published on:
18 Aug 2025 08:32 am
Also Read
View All

अगली खबर