
Kite strings disrupt rail traffic: फर्रुखाबाद में स्थानीय लड़कों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। जब कासगंज-कानपुर रेल रूट पर ओएचई (हाई वोल्टेज बिजली का तार) टूट कर गिर गया था। सामने से उत्सर्ग एक्सप्रेस धड़धड़ाते हुए चली आ रही थी। लड़के घबरा गए और उन्होंने ट्रेन की तरफ दौड़ लगा दी और लाल टी-शर्ट दिखाकर ट्रेन चालक को गाड़ी रोकने का इशारा किया। ड्राइवर ने भी खतरे को भांपते हुए गाड़ी रोक दी। पूछताछ से जानकारी हुई कि आगे ओएचई लाइन टूटी हुई है। इसकी जानकारी मिलते ही रेल मार्ग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मचारियों ने टूटी हुई लाइन को सही किया, जिसके बाद गाड़ी आगे बढ़ सकी। बताया जाता है कि पतंग के कारण यह स्थिति हुई है। जिसमें धागे की जगह काफी पतला तार बांधा गया था।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के कासगंज रेलवे ट्रैक पर ओएचई (25000 हाई वोल्टेज बिजली तार) टूट कर पटरी पर गिर गया, जिसमें पतंग की डोर फंसी हुई थी। मौके पर खड़े दीपू और उसके साथियों ने देखा कि गाड़ी चली आ रही है और तार टूटा पड़ा है। इस पर लाल टी-शर्ट लेकर वह गाड़ी की तरफ दौड़ा और उसको रुकवा लिया। पूछताछ के दौरान ड्राइवर को जानकारी हुई कि ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूटी हुई है, जिस पर उन्होंने दीपू, राघवेंद्र सिंह, अनिकेत, रुचि आदि को धन्यवाद देते हुए मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।
कंट्रोल रूम से ट्रेन को वापस स्टेशन लाने का सिग्नल हुआ। लोको पायलट अयोध्या प्रसाद और सहायक लोको पायलट शिवलाल ट्रेन को वापस स्टेशन ले आए। मौके पर पहुंची आरपीएफ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पतंग की डोर को अपने कब्जे में ले लिया। लोगों का कहना था कि पतंग में मंझा डोर की जगह पतला तार बांधा गया था।
पतंग में लगे तार के कारण स्पार्किंग के साथ ओएचई टूट कर आवाज के साथ नीचे गिर गया। इस संबंध में आरपीएफ इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। कटी पतंग की डोर ओएचई में फंस गई और इस स्पार्किंग के साथ केटनरी वायर टूट गया। इस दौरान लगभग ढाई घंटे तक फर्रुखाबाद-कानपुर रेलमार्ग पर आवागमन बाधित रहा।