
Kanchipuram Saree For Modern Brides: भारतीय शादी एक रस्म नहीं, भावनाओं, परंपराओं और सपनों का संगम होती है। हर दुल्हन चाहती है कि उसकी शादी का दिन यादगार हो, जिसमें वह कुछ ऐसा पहनना चाहती है जो सालों बाद भी उसकी तस्वीरों में उतना ही खास लगे। ऐसे में अगर किसी साड़ी का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है, तो वह है कांचीपुरम साड़ी। यह साड़ी पहनावे के साथ शादी की शान, सम्मान और परंपरा का प्रतीक भी मानी जाती है।
शादी के दिन हर लड़की कुछ ऐसा चाहती है जो एक साथ पारंपरिक भी हो और देखने में रॉयल भी। इसका सिल्क इतना अच्छा होता है कि दुल्हन का लुक अपने-आप स्टेटमेंट बन जाता है। खास बात यह है कि इसकी बॉर्डर और पल्लू अलग से नहीं जोड़े जाते, बल्कि पूरी साड़ी एक ही बुनाई में तैयार होती है। यही इसे बेहद खास बनाता है।
शादी के मंडप में जब दुल्हन कांचीपुरम साड़ी में कदम रखती है, तो उसकी मौजूदगी खुद में अलग ही प्रभाव छोड़ती है। भारी जरी, मंदिर डिजाइन, गोल्डन बॉर्डर हर एलिमेंट शादी की पवित्रता और भव्यता को और बढ़ा देता है। भारत ही नहीं, विदेशों में भी दुल्हनें इसे अपनी खास रस्मों के लिए चुन रही हैं।
कांचीपुरम साड़ियों की शुरुआत तमिलनाडु के कांचीपुरम शहर से हुई, जहां सदियों से कारीगर हाथकरघा पर साड़ियाँ बुनते आ रहे हैं। कई परिवारों में शादी की कांचीपुरम साड़ी विरासत के रूप में माँ से बेटी और फिर बहू तक पहुँचती है।
शादी के लिए खरीदी जाने वाली कांचीपुरम साड़ियों की कीमत आमतौर पर ₹10,000 से शुरू होकर ₹1 लाख या उससे भी ज्यादा तक जा सकती है। लेकिन शादी के मौके पर इसे खर्च नहीं, बल्कि एक निवेश माना जाता है।
कांचीपुरम साड़ी को बॉलीवुड से लेकर साउथ इंडस्ट्री की दिग्गज अभिनेत्रियां पहनती हैं।रेखा, जो क्लासिक गोल्डन-बॉर्डर कांचीपुरम कैरी करती हैं। विद्या बालन ट्रेडिशनल सिल्क साड़ियों के लिए जानी जाती हैं। दीपिका पादुकोण, हेमा मालिनी और सामंथा अक्किनेनी भी अक्सर क्लासिक सिल्क साड़ियों में दिखाई देती हैं।