Shankaracharya Avimukteshwaranand News: फतेहपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जनता से बिजली-पानी नहीं, बल्कि 'गौमाता' के नाम पर वोट देने की अपील की है। जानें इस यात्रा में मुस्लिम युवाओं ने क्या मांग की।
Shankaracharya Avimukteshwaranand News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में इन दिनों 'गो रक्षा धर्म यात्रा' चल रही है। 21 दिनों की इस यात्रा पर निकले ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लोगों से एक बड़ी अपील कर दी है। शंकराचार्य ने कहा कि अब चुनाव में लोग बिजली, पानी और सड़क जैसे पुराने मुद्दों को छोड़कर 'गाय' माता के नाम पर वोट दें। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को सिर्फ उसी पार्टी को चुनना चाहिए, जो गाय को जानवर नहीं बल्कि 'गौमाता' घोषित करने की हिम्मत दिखाए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का काफिला बुधवार को बांदा से होते हुए बहुआ, गाजीपुर और असोथर के रास्ते आगे बढ़ा। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने उनका फूल-मालाओं से बहुत अच्छा स्वागत किया। बहुआ कस्बे में लोगों को समझाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि रावण ने साधु का रूप धरकर सीता जी का हरण किया था, इसलिए आज के समय में सिर्फ बाहरी रूप या पहनावा देखकर किसी पर भी भरोसा मत कर कीजिए। उन्होंने मांस काटने के बढ़ते लाइसेंसों पर भी चिंता जताई।
इस यात्रा के दौरान शाह कस्बे से भाईचारे की एक बहुत अच्छी तस्वीर देखने को मिली। यहां फिरोज खान (एडवोकेट) के साथ कई मुस्लिम युवाओं ने शंकराचार्य से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें मुस्लिम युवाओं ने मांग की है कि गाय को देश में 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिया जाना चाहिए। गाय हमेशा से सभी के लिए पूजनीय रही है, इसलिए इसकी रक्षा करना हर धर्म के इंसान का फर्ज है। गौ-हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त और कठोर सजा का कानून बनना चाहिए।
जहां एक तरफ लोग शंकराचार्य की यात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह था, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था में चूक भी सामने आई। झाल तिराहे के पास जब शंकराचार्य आए, तो भारी भीड़ जमा हो गई। इसी हड़बड़ी में जेबकतरों ने कई भक्तों के पर्स और पैसे पार कर दिए। जब भीड़ छंटी और लोगों ने अपनी जेबें देखीं, तो उनके होश उड़ गए।
इस पूरी यात्रा के दौरान विजयीपुर और असोथर समेत कई जगहों पर भव्य स्वागत समारोह हुए। शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने के लिए आदित्य नारायण शुक्ला, शिवाकांत तिवारी, उदित अवस्थी, वीरेंद्र तिवारी, चिदानंद शुक्ला और हेमलता पटेल कई बड़े स्थानीय लोगों ने शंकराचार्य का स्वागत किया और उनका आशीर्वाद लिया।