
Fatehpur Murder Case: "साहब! मैंने अपनी सगी बहन को मार डाला। मैंने उसे बहुत समझाया, लेकिन वो अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। मैं अपना गुस्सा बर्दाश्त नहीं कर पाया।" यह कबूलनामा फतेहपुर की पुलिस चौकी में पहुंचे भाई की है। मृतका रंजू यादव की शादी महज 44 दिन पहले पिंटू उर्फ अजय यादव के साथ हुई थी।
मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के हसवा कस्बे का है। यहां की मंजू उर्फ रंजू की शादी इसी साल 1 मई को राधानगर थाना क्षेत्र के सोनहीं बड़नपुर निवासी पिंटू के साथ हुई थी। शादी के बाद चौथी की रस्म पर वह मायके आई थी। परिजनों के मुताबिक, 13 मई को वह गांव के ही दूसरे समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी। बाद में परिजन उसे वापस घर ले आए और पंचायत के बाद उसकी दोबारा ससुराल भेज दिया।
बताया जा रहा है कि ससुराल लौटने के बाद भी रंजू ने अपने प्रेमी से संपर्क नहीं तोड़ा। वह लगातार फोन पर उसके टच में थी। इसकी जानकारी अहमदाबाद में नौकरी करने वाले उसके बड़े भाई संदीप यादव को हुई। वह 10 जून को बहन की ससुराल पहुंचा और दो दिन तक उसे समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन युवती कथित तौर पर प्रेमी के साथ रहने की बात पर अड़ी रही।
शुक्रवार को संदीप बहन को विदा कराकर मायके लाने के लिए निकला। पुलिस के अनुसार, हसवा कस्बे के पास खेतों के बीच पहुंचने पर दोनों के बीच फिर बहस हुई। इसी दौरान संदीप ने बहन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने शव को एक कुएं में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।
हत्या के बाद वह पूरी रात जंगल में छिपा रहा। शनिवार सुबह वह खुद पुलिस के पास पहुंचा और बहन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कुएं से शव बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Updated on:
16 Jun 2026 01:53 pm
Published on:
15 Jun 2026 02:18 pm
