फतेहपुर

बेटी की शादी के लिए गिड़गिड़ाता रहा BLO, छुट्टी न मिलने पर स्कूल में लगाई फांसी

Fatehpur Crime News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने से आहत एक बीएलओ ने मानसिक तनाव के चलते स्कूल में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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Updated: 1 Mar 2026, 1:46 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

Fatehpur Crime News: फतेहपुर जिले में पिता की मजबूरी और सिस्टम की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा हो गई। जब यहां एक 50 वर्षीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), अखिलेश सविता ने मानसिक तनाव और प्रशासनिक दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। अखिलेश अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए अधिकारियों से छुट्टी की गुहार लगा रहे थे लेकिन चुनावी ड्यूटी और काम के बोझ के कारण उनकी अर्जी को बार-बार अनसुना किया गया। आखिर परेशान होकर उन्होंने शनिवार शाम अलियाबाद गांव के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

सुसाइड नोट में छलका दर्द

अखिलेश सविता का शव स्कूल के कमरे में फंदे से लटका मिला जिसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस नोट में उन्होंने साफ तौर पर अपनी मौत का जिम्मेदार 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) ड्यूटी के भारी दबाव को बताया है। नोट के मुताबिक, वह काम के बोझ और घर की जिम्मेदारियों के बीच बुरी तरह पिस रहे थे। उन्होंने कई बार आला अधिकारियों से छुट्टी मांगी ताकि वह अपनी बेटी की शादी के इंतजाम देख सकें लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रही।

परिजनों का फूटा गुस्सा

इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। जैसे ही अखिलेश का शव अस्पताल पहुंचा, उनके रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और लोगों ने अधिकारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। गुस्सा इतना ज्यादा था कि एक समय परिजनों ने शव को प्रशासन को सौंपने से मना कर दिया और वापस गांव ले जाने लगे। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और तहसीलदार के समझाने-बुझाने के बाद ही मामला शांत हुआ और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका।

उजड़ गईं खुशियां

अखिलेश के परिवार में उनकी पत्नी मंजू देवी, बेटा दिव्यांश और 20 साल की बेटी दिव्यांशी हैं। दिव्यांशी की शादी अगले ही हफ्ते होनी तय थी। अखिलेश के भाई भूपेश कुमार का कहना है कि वे हफ्तों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे लेकिन सिस्टम ने एक पिता की मजबूरी को नहीं समझा। पत्नी मंजू देवी का भी यही कहना है कि काम के बढ़ते बोझ और छुट्टी न मिलने के कारण अखिलेश काफी समय से गहरे तनाव में थे।

प्रशासनिक जांच और आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) अविनाश त्रिपाठी ने कहा है कि सुसाइड नोट की गहनता से जांच की जा रही है। प्रशासन ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। फिलहाल सर्किल ऑफिसर गौरव शर्मा और अन्य सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं ताकि गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे।

Updated on:
1 Mar 2026, 1:46 PM IST
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