UP Police Transfer News: फतेहपुर पुलिस ने बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। एसपी अनूप कुमार सिंह ने 45 उपनिरीक्षकों, 77 हेड कांस्टेबल और 114 आरक्षियों का कार्यक्षेत्र बदला है।
UP Police Transfer News Today In Hindi: यूपी के फतेहपुर जिले में पुलिस विभाग ने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किए हैं। एसपी अनूप कुमार सिंह ने नारकोटिक्स सेल और आईजीआरएस सेल के प्रभारी समेत कुल 43 उपनिरीक्षकों का ट्रांसफर किया है। इसके साथ ही 77 हेड कांस्टेबल और 114 आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। मीडिया सेल प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस दौरान कई एसआई और चौकी प्रभारियों के भी थाने और चौकियों में बदलाव किए गए हैं।
एसपी अनूप कुमार सिंह ने शनिवार देर रात निरीक्षक जयशंकर तिवारी को नारकोटिक्स सेल से आईजीआरएस सेल का प्रभारी बनाया है। वहीं, आईजीआरएस सेल के प्रभारी सरताज अली को नारकोटिक्स सेल का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इस बदलाव के बाद संबंधित कर्मचारियों के कार्य क्षेत्र और जिम्मेदारियों में स्पष्ट रूप से परिवर्तन हुआ है।
फतेहपुर जिले में एसआई श्यामबहादुर सिंह को सुल्तानपुर घोष थाने से ललौली थाने का बहुआ चौकी प्रभारी बनाया गया। मनीष कुमार हथगाम से मलवां थाने के सहिली चौकी प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसी तरह, अनुज यादव को मुराइनटोला चौकी प्रभारी से औंग थाने का वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है। रितेश कुमार राय औंग थाने से मुराइनटोला चौकी प्रभारी बने हैं।
पुलिस लाइन में लंबे समय से तैनात 77 हेड कांस्टेबल और 114 आरक्षियों का भी स्थानांतरण किया गया है। इसमें महिला कांस्टेबल भी शामिल हैं। इन बदलावों का उद्देश्य पुलिसिंग की कार्यकुशलता बढ़ाना और थानों के संचालन में संतुलन बनाए रखना बताया जा रहा है।
एसआई राकेश चंद्र शर्मा को पुलिस लाइन से खागा कस्बा चौकी प्रभारी बनाया गया। उत्कर्ष मिश्रा सुल्तानपुर घोष के नौबस्ता चौकी प्रभारी से चांदपुर थाने के दपसौरा चौकी प्रभारी बने। खागा से सत्यप्रकाश पाठक को सुल्तानपुर घोष के नौबस्ता चौकी प्रभारी बनाया गया। इसी तरह श्यामलाल, राकेश कुमार, दिनेशचंद्र मिश्र और अन्य अधिकारियों का कार्यक्षेत्र विभिन्न थानों और चौकियों में बदला गया।
औंग, जहानाबाद, राधानगर, कल्यानपुर समेत अन्य थानों में भी वरिष्ठ एसआई, चौकी प्रभारी और आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इस बदलाव में न केवल वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई, बल्कि नए कर्मचारियों को थानों में अटैच भी किया गया। इससे पुलिसिंग की प्रभावशीलता और जनसंपर्क बेहतर करने का प्रयास किया गया है।