
Neem Karoli Baba Birthplace Dispute: फिरोजाबाद के टूंडला स्थित अकबरपुर में बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली को लेकर विवाद सामने आया है। बाबा के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने पैतृक मकान को श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट से मुक्त कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्र दिया है। परिवार का आरोप है कि ट्रस्ट ने पैतृक मकान पर कब्जा कर रखा है। मामले में मनोज रावत ने डीएम से मुलाकात कर प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का सुझाव भी दिया है। डीएम ने सभी पक्षों को बुलाकर दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
डीएम को दिए गए पत्र में बहनों ने आरोप लगाया कि अकबरपुर के ग्राम पंचायत नगला स्थित निजी मकान संख्या 154-व में बाबा नीम करौरी का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष बने हुए हैं। आरोप है कि इस मकान पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट काबिज है। सोमवार को भावना रावत के पति मनोज रावत भी मुंबई से फिरोजाबाद पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी।
मनोज रावत का कहना है कि श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट में संजय गुप्ता ट्रस्टी थे और उनके ससुर धर्म नारायण शर्मा की सेवा करते थे। ससुर के निधन के बाद उन्होंने ट्रस्ट पर अपना एकाधिकार स्थापित कर लिया और बाबा नीब करोरी के पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया। परिवार ने प्रशासन से कार्रवाई कर पैतृक संपत्ति वापस दिलाने और मकान को ट्रस्ट के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है।
मनोज रावत ने इस विवाद के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के सामने एक प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय अकबरपुर में बाबा नीब करौरी के भव्य कॉरिडोर का निर्माण करा रहा है। ऐसे में उन्होंने जन्मस्थली के रखरखाव और निजी ट्रस्टी के एकाधिकार से जुड़े विवाद को खत्म करने के लिए प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का सुझाव दिया। प्रस्ताव है कि इस ट्रस्ट के अध्यक्ष जिलाधिकारी फिरोजाबाद को पदेन बनाया जाए। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी पदेन सदस्य बनाया जाए।
बाबा नीब करौरी का मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। उनकी पत्नी का नाम राम बेटी शर्मा था। उनके दो बेटे अनेक सिंह शर्मा और धर्म नारायण शर्मा थे। उनकी एक बेटी गिरजा भटेले आगरा में रहती हैं। छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा के छह बेटियां है, सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत हैं।
सुनीता शर्मा वृंदावन, अर्चना और रितु तिवारी दिल्ली, वंदना शर्मा मथुरा, भावना रावत मुंबई और रिचा रावत गुरुग्राम में रहती हैं। सभी बहनें 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि मनाने अकबरपुर आई थीं। इसी दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। यह पत्र 21 अगस्त को पत्रवाहक के जरिए विधिवत दर्ज कराया गया।
मनोज रावत का कहना है कि सरकारी नियंत्रण में प्रशासनिक ट्रस्ट बनने से जन्मस्थली को निजी कब्जे और स्वार्थ से मुक्त रखने में मदद मिलेगी। साथ ही कॉरिडोर परियोजना के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं पारदर्शी और बेहतर तरीके से संचालित की जा सकेंगी। प्रशासन ने फिलहाल सभी पक्षों को सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की राह तय करने की बात कही है।
बाबा नीब करौरी महाराज की पोतियों का पत्र प्राप्त हुआ है। मनोज रावत से भी मुलाकात व वार्ता हुई है। इस पक्ष की शिकायत पर विचार के लिए सभी संबंधित पक्षों को बुलाकर बैठक की जाएगी। बैठक में आने वाले विचारों व सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले में आगे की कोई राह तलाशी जाएगी