फिरोजाबाद

42 सालों तक दबाकर रखा राज! बेटों को भनक तक नहीं पिता है कुख्यात अपराधी, ऐसे हुआ सच बेपर्दा

Warrantee Absconding For 42 Years Arrested: 42 सालों तक दबे राज से पर्दा उठ गया है। कुख्यात अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानिए पूरा मामला क्या है?

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42 सालों तक दबे राज से पर्दा उठा। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Warrantee Absconding For 42 Years Arrested: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पुलिस ने 42 सालों से फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी को जिंदा या मुर्दा पेश करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था। 70 साल का रतन उर्फ रतना सालों से पहचान छिपाकर गुमनाम जिंदगी जी रहा था।

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1983 के गैर इरादतन हत्या मामले में सुनाई गई थी सजा

पुलिस के मुताबिक, साल 1983 में गैर इरादतन हत्या के एक मामले में रतन और उसके साथी मनिया उर्फ मनीराज को जिला अदालत ने 6-6 साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दोनों ने 1984 में हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रतन बाहर आया, लेकिन फिर कभी अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया।

पहचान छुपाकर चार दशक तक जीता रहा गुमनाम जीवन

फरारी के बाद रतन ने अपना पुराना ठिकाना छोड़ दिया और भीमनगर से निकलकर रामगढ़ के नारायण नगर में बस गया। उसने अपने अतीत को इस तरह छुपाया कि उसके परिवार और बच्चों तक को नहीं पता था कि वह कानून की नजर में वांछित आरोपी है। बताया जा रहा है कि वह एक फैक्टरी में मजदूरी कर सामान्य जीवन बिता रहा था।

गिरफ्तारी के वक्त आरोपी भी रह गया हैरान

CO सिटी प्रवीण कुमार तिवारी के मुताबिक, पुलिस जब आरोपी तक पहुंची तो वह हैरान रह गया। उसने कहा कि उसे कभी उम्मीद नहीं थी कि 42 साल बाद पुलिस उसके घर तक पहुंच जाएगी। उसे लगा था कि समय के साथ मामला खत्म हो चुका होगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इतने सालों तक इस डर में जीता रहा कि कहीं उसका अतीत परिवार के सामने उजागर ना हो जाए।

साथी की मौत हो चुकी, अकेला कानून से बचता रहा

पुलिस ने बताया कि रतन का सह आरोपी मनिया उर्फ मनीराज साल 2002 में ही मर चुका है, लेकिन रतन लगातार कानून से बचता रहा। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है और हाईकोर्ट को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

बिना फोटो और पहचान पत्र के ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी तक

SP सिटी रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था, क्योंकि उसके पास आरोपी की न कोई फोटो थी और न कोई पहचान पत्र। सिर्फ 42 साल पुराना एक नाम पुलिस के पास सुराग के तौर पर मौजूद था।

एक महीने सादे कपड़ों में चलाया गया सर्च ऑपरेशन

थाना दक्षिण इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह और एसआई सिंहराज सिंह की टीम ने हार नहीं मानी। पुलिस ने नारायण नगर इलाके में करीब एक महीने तक सादे कपड़ों में डेरा डाला और घर-घर जाकर रतन नाम के बुजुर्गों के बारे में जानकारी जुटाई। कई कड़ियां जोड़ने के बाद आखिरकार पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।

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