
FIFA World Cup 2026, Netherlands vs Japan: आर्लिंग्टन के डलास स्टेडियम में रविवार को खेले गए फीफा वर्ल्ड 2026 के ग्रुप-एफ मुकाबले में नीदरलैंड्स का सामना जापान से हुआ। इस मैच में दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखा और मुकाबला आखिर तक रोमांचक बना रहा, हालांकि दाइची कामादा (Daichi Kamada) के गोल से जापान ने नीदरलैंड्स के साथ मुकाबला 2-2 से ड्रॉ खेला।
जापान और नीदरलैंड्स के बीच पहले हाफ में मुकाबला गोल रहित रहा। दूसरे हाफ की शुरुआत में नीदरलैंड्स के वर्जिल वान डाइक ने 50वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि यह बढ़त अधिक देर तक बरकरार नहीं रही। जापान ने केवल छह मिनट (57वें मिनट) बाद ही वापसी करते हुए केइतो नाकामुरा के गोल की बदौलत स्कोर 1-1 कर दिया।
इसके बाद 64वें मिनट में क्रिसेन्सियो समरविल ने गोल दागकर नीदरलैंड्स को फिर से 2-1 की बढ़त दिला दी। ऐस समय ऐसा लग रहा था कि डच टीम जीत दर्ज कर लेगी, लेकिन जापान ने अंत तक हार नहीं मानी।
जापान के प्रयासों का सुखद नतीजा भी निकला, जब मैच के 88वें मिनट में कोकी ओगावा के हेडर को दाइची कामादा ने दिशा देते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ जापान ने स्कोर 2-2 कर दिया और अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण एक अंक हासिल कर लिया। इस ड्रॉ के बाद ग्रुप-एफ में दोनों टीमों की स्थिति मजबूत बनी हुई है और अगले मुकाबलों में ग्रुप से आगे बढ़ने की जंग और दिलचस्प हो गई है।
जापान के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-एफ मुकाबले में नीदरलैंड्स के लिए क्रिसेन्सियो समरविल (Crysencio Summerville) ने यादगार प्रदर्शन किया। आर्लिंग्टन के डलास स्टेडियम में खेले गए इस मैच में उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल दागा। 24 वर्षीय समरविल के लिए यह विश्व कप का पहला मुकाबला था। उन्होंने इसी महीने अल्जीरिया के खिलाफ एक मैत्री मैच में नीदरलैंड्स की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उन्हें वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर शुरुआती एकादश में जगह मिली।
जापान के खिलाफ मैदान पर उतरने के साथ ही समरविल उन चुनिंदा डच खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने इस सदी में दो या उससे कम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद वर्ल्ड कप मुकाबले की शुरुआत की है।
क्लब फुटबॉल में भी समरविल का प्रदर्शन हाल के समय में काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने इंग्लैंड में वेस्ट हैम यूनाइटेड के लिए लगातार अच्छे खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन उनकी मेहनत टीम को नहीं बचा सकी। इसके बावजूद युवा खिलाड़ी ने अपना शानदार फॉर्म बरकरार रखा। अब फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पहला अंतरराष्ट्रीय गोल कर अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली।