Gariaband Circuit House Fire: गरियाबंद जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। आगजनी में फ्रिज, अलमारी, सीलिंग फैन और स्टोर रूम का सामान जलकर राख हो गया।
Circuit House Fire: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में रविवार सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सुबह करीब 6.30 बजे लोगों ने सर्किट हाउस परिसर से धुआं उठता देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। देखते ही देखते आग ने स्टोर रूम को अपनी चपेट में ले लिया और वहां रखा सामान जलकर खाक हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन और तकनीकी जांच में जुटे हुए हैं।
आगजनी की इस घटना में सर्किट हाउस के स्टोर रूम में रखा फ्रिज, अलमारी, सीलिंग फैन समेत अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में कमरे के भीतर रखा अधिकांश सामान धुएं और लपटों में घिर गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय सर्किट हाउस में मौजूद लोग सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की सूचना पर दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग को आसपास के कमरों तक फैलने से रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो सर्किट हाउस के दूसरे हिस्सों तक भी आग फैल सकती थी, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था।
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सर्किट हाउस भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बिजली वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि पुराने वायरिंग सिस्टम या बिजली के अधिक लोड की वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
गरियाबंद जिला मुख्यालय का सर्किट हाउस प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां अक्सर वीआईपी दौरे, सरकारी बैठकें और अधिकारियों का ठहराव होता है। जिले में आने वाले मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के लिए यह प्रमुख सरकारी विश्राम गृह के रूप में उपयोग किया जाता है।
ऐसे में सर्किट हाउस में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और भवनों की विद्युत मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने सरकारी भवनों की समय-समय पर तकनीकी जांच और वायरिंग सुधार की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।