
Tourist Spot: पर्यटकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर द्वारा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने चींगरापगार, जतमई, घटारानी और विश्व प्रसिद्ध प्राकृतिक शिवलिंग भूतेश्वर नाथ का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
पुलिस अधीक्षक सिरमौर ने संबंधित थाना प्रभारियों को पर्यटन स्थलों पर लगातार गश्त बढ़ाने, संदिग्धों की चेकिंग करने और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गरियाबंद के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आने वाले हर पर्यटक को सुरक्षित माहौल मिलना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा में तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्यटन स्थलों पर शांति भंग करने वाले, हुड़दंग मचाने वाले और नशे का सेवन करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को मौके पर ही कड़ी हिदायत दी गई है और भविष्य में पाए जाने पर उनके खिलाफ विधिसंगत व दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने आम नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से एक अपील की है। उन्होंने कहा गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है। इसे बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यटन स्थलों पर गंदगी न फैलाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और इसे स्वच्छ व सुरक्षित बनाए रखने में गरियाबंद पुलिस का सहयोग करें।
निरीक्षण के दौरान एसपी सिरमौर ने संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों पर लगातार पुलिस गश्त की जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही समय-समय पर आने-जाने वाले लोगों की जांच भी की जाए। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण देना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
एसपी सिरमौर ने पर्यटन स्थलों पर तैनात पुलिसकर्मियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जवानों को सतर्क रहने, पर्यटकों से बेहतर व्यवहार करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।