पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन खत्म प्रत्याशियों ने भरा संपत्ति का ब्यौरा गाजियाबाद से कुल 20 प्रत्याशियों ने भरा नामांकन
गाजियाबाद। 2019 में पहले चरण के लोकसभा मतदान के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 25 मार्च को गाजियाबाद में भाजपा कांग्रेस और गठबंधन प्रत्याशी के समेत कुल 20 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए। जिनमें से मुख्य तीन पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी जनरल वीके सिंह ,कांग्रेस पार्टी से डॉली शर्मा ,और सपा, बसपा और रालोद के गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल के अलावा कुल 17 प्रत्याशी अन्य पार्टी एवं निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया।
गाजियाबाद लोकसभा से सांसद रहे जनरल वीके सिंह ने दुबारा भारतीय जनता पार्टी की तरफ से ताल ठोकी है। जनरल वीके सिंह ने इस बार अपनी आय का ब्यौरा 2, 84 ,59,848 रुपए का दिया है। जबकि 2014 में जनरल वीके सिंह ने अपनी संपत्ति का कुल व्यारा एक करोड़ 84 लाख रुपए का दिया था, यानी 5 साल में जनरल वीके सिंह की संपत्ति 1करोड़ रुपए बढ़ गई है।
इसके अलावा जनरल वीके सिंह ने अपनी पत्नी भारती सिंह की संपत्ति का ब्यौरा जो दिया है उसने 2, 80,85,763 रुपए की कुल संपत्ति दिखाई है। और पत्नी के पास महज ₹1लाख और जनरल वी के सिंह के पास कुल ₹50,000 की नगदी दर्शाई गई है।
इसके अलावा कांग्रेस की प्रत्याशी डॉली शर्मा ने भी नामांकन से पहले अपनी ताकत दिखाते हुए अपने मुख्य कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक भारी समर्थकों के बीच पहुंची और उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया। डॉली शर्मा द्वारा जो संपत्ति दर्शाई गई है वह पति से ज्यादा संपत्ति है। इसमें डॉली शर्मा के पास अपनी बीएमडब्ल्यू कार और 1 किलो सोने और आधा किलो चांदी के आभूषण है। डोली शर्मा द्वारा निर्वाचन कार्यालय में 87,29,302 की अचल संपत्ति दर्शाई है। इनमें 2007 मॉडल बीएमडब्ल्यू कार और ₹32 लाख की कीमत के सोने के गहने शामिल किए हैं। जबकि उनके पति दीपक शर्मा के पास 14,72,000 की अचल संपत्ति दर्शायी गयी है। बहरहाल डॉली शर्मा के नाम पर वर्तमान में एक करोड़ 8 लाख रुपय की कीमत गाजियाबाद के वसुंधरा और पंजाब में दो आवासीय भवन है। इस हिसाब से डॉली शर्मा की संपत्ति अपने पति से ज्यादा है।
इसके अलावा सपा बसपा और रालोद के गठबंधन प्रत्याशी सुरेश कुमार बंसल ने कुल 9 करोड़ की संपत्ति का ब्यौरा दिया है और तीनों प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा संपत्ति के मालिक सुरेश बंसल हैं। अभी तक के आंकड़ों के हिसाब से यदि बात की जाए तो गाजियाबाद का चुनाव त्रिकोणीय दिखाई दे रहा है।