गाजियाबाद में गुलाब के फूल के साथ काटा जाएगा हॉर्न बजाने वालों का चालान
गाजियाबाद। प्रदूषण की रोकथाम को लेकर समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की ओर से निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद न तो केंद्र और न ही प्रदेश सरकार हवा में खुली जहर पर कोई ठोस कदम उठा पा रही है। यही नहीं इस बाबत एनजीटी ने सख्ती बरतते राज्य सरकारों को फटकार भी लगाई, लेकिन हालात है कि जस के तस बने हुए हैं। इस बीच ध्वनि प्रदूषण को लेकर पुलिस प्रशासन ने एक पहल जरूर की है। बता दें कि दिल्ली से सटे गाजियाबाद को ध्वनि प्रदूषण मुक्त करने के लिए सोशलवर्कर स्वामी दीपांकर ने गाजियाबाद की ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक ऐसी योजना तैयार की है, जिसके द्वारा गाजियाबाद को ध्वनि प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। वहीं इसका एक प्रारूप गुरुवार को स्वामी दीपांकर और ट्रैफिक पुलिस के SP श्याम नारायण सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया।
गुलाब का फूल देकर होगी पहल की शुरुआत
दरअसल अब अगर आप आपनी गाड़ी को सड़क पर लेकर जा रहे हैं तो आपका हाॅर्न बजाना आपके लिए बड़ा सवाल बन सकता है। आपने रोड पर हॉर्न बजाया तो आपके हाथों में गुलाब का फूल दे दिया जाएगा। इस मुहिम को सोशलवर्कर स्वामी दीपांकर ने शुरू किया है। इसकी शुरुआत गाजियाबाद से की जा रही है। यही नहीं गाजियाबाद की ट्रैफिक पुलिस भी इस में हिस्सेदार बनेगी। ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर स्वामी दीपांकर ने इस मुहिम का खाका तैयार किया है। वहीं "say no to noise" इस मुहिम का नाम रखा गया है। इस मुहिम में गाजियाबाद की सड़कों पर गायक और अभिनेता सोनू निगम और नेत्री शाजिया इल्मी समेत कई चेहरे नजर आने वाले हैं। इनमें पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन भी शामिल होंगे, जो आपको रोड पर गुलाब का फूल देते हुए दिखाई देंगे। गाजियाबाद के एसपी ट्रैफिक ने बताया कि पहले भी चालान काटे जाते रहे हैं, लेकिन लोग नहीं मान रहे हैं। ऐसे में यह मुहिम लोगों की जागरूकता के लिए एक अच्छा कदम होगी।
गुलाब देने के बाद काटा जाएगा चालान
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि शुरुआती दौर में खासतौर से उन इलाकों को चिन्हित किया जाएगा, जहां पर अस्पताल बने हुए हैं या स्कूल बने हुए हैं। इनसे मरीज और बच्चे प्रभावित होते हैं। उस इलाके को चिन्हित कर तेज ध्वनि वाले हॉर्न बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें शुरुआती दौर में उन्हें गुलाब का फूल देकर उन्हें जागरूक किया जाएगा। उसके बाद भी यदि लोगों की समझ में नहीं आता तो फिर उनके चालान भी काटे जाएंगे। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में बहुत से इलाके ऐसे हैं, जहां पर अस्पताल या स्कूल बने हैं और उनके आसपास तेज ध्वनि वाले हॉर्न बजाते हुए अपने वाहन तेजी से निकालते हैं। अब ऐसे सभी वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की योजना तैयार की गई है।