
गाजियाबाद। जनपद के सबसे बड़े कॉलेज में जब गुरुवार को भाजपा की नवनिर्वाचित मेयर और पार्टी के महानगर अध्यक्ष पहुंचे तो उन्हें छात्रों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं उन्हें बैरंग वापस लौटने पर भी मजबूर होना पड़ा। भाजपा नेता वहां कॉलेज में होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रत्याशियों के समर्थन में पहुंचे थे।
वापस लौटना पड़ा मेयर को
दरअसल, गुरुवार को आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए एबीवीपी के समर्थन में गाजियाबाद के एमएमएच कॉलेज में पहुंचे भाजपा के महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा और नई मेयर आशा शर्मा को छात्रों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आपको बताते चलें कि एमएमएच कॉलेज में छात्रसंघ का चुनाव होना है। गुरुवार को अचानक ही गाजियाबाद भाजपा के महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा और नवनिर्वाचित मेयर आशा शर्मा भी कॉलेज परिसर में पहुंच गए, लेकिन वहां छात्रों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस कारण उन्हें कॉलेज परिसर से बाहर जाना पड़ा। मेयर आशा शर्मा और अजय शर्मा एबीवीपी प्रत्याशी के साथ पहुंचे थे। इन दोनों नेताओं के विरोध में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रभांशु नागर के समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की और मेयर साहिबा को उलटे पैर लौटने पर मजबूर कर दिया।
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एबीवीपी प्रत्याशी का पर्चा निरस्त करने की मांग
विरोध कर रहे छात्र नेता रोहित बैसोया का कहना है कि भाजपा नेताओं ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन करके सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। कॉलेज प्रशासन को इसके खिलाफ एक्शन लेते हुए इनके द्वारा समर्थित प्रत्याशी का पर्चा निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा की छात्रसंघ चुनाव में कॉलेज के छात्रों के अलावा यदि बाहर से कोई नेता आकर प्रचार करता है तो यह लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन है। यह उल्लंघन खुद भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा और नगर निगम की मेयर आशा शर्मा ने किया है। इसके चलते ही नहीं उन्होंने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इनकी शिकायत लिंगदोह कमेटी से भी की जाएगी।
Published on:
22 Dec 2017 11:34 am
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