Surya Murder Case Update Assad Encounter Ghaziabad: बकरीद पर सूर्या की हत्या करने वाले असद एनकाउंटर केस में ताजा अपडेट सामने आया है। जिस गली में आरोपी असद अपने परिवार के साथ रह रहा था, वह गली ही नगरपालिका के पुराने सर्वे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
Surya Murder Case Update Assad Encounter Ghaziabad:गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुई सूर्या चौहान की हत्या के आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद अब प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों की जांच तेज कर दी है। नगरपालिका परिषद और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मामले में सर्वे शुरू कर दिया है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि नवनीत विहार की जिस गली में आरोपी असदअपने परिवार के साथ रह रहा था, वह गली ही नगरपालिका के पुराने सर्वे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। साल 2018 में किए गए नगरपालिका सर्वे में क्षेत्र की अधिकांश गलियों का रिकॉर्ड मौजूद है, लेकिन आरोपी के मकान वाली गली का कोई उल्लेख नहीं मिला।
प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों से आरोपी के मकान को लेकर अलग-अलग जानकारियां मिलीं। कुछ लोगों ने बताया कि असद का परिवार करीब छह महीने पहले किराये पर रहने आया था, जबकि कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार ने हाल ही में यह मकान खरीद लिया था। मकान पर ताला लगे होने के कारण अधिकारी अभी इसकी पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
शनिवार को नगरपालिका परिषद के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार, कर निरीक्षक दीक्षा चौहान, लेखपाल पंकज सक्सेना समेत अन्य अधिकारी नवनीत विहार पहुंचे और मौके पर निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि जिस गली में आरोपी रह रहा था, वहां पांच से छह मकान मौजूद हैं।
अधिकारियों के अनुसार गली के एक छोर पर स्थित केवल एक मकान का ही रिकॉर्ड नगरपालिका के सर्वे दस्तावेजों में दर्ज मिला। आरोपी असद के मकान समेत अन्य कई मकानों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका है। इससे प्रशासनिक रिकॉर्ड और कर व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
एक निजी चैनल से बातचीत में तहसीलदार आलोक ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की संपत्तियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। सभी संबंधित जानकारियां जुटाने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
कर निरीक्षक दीक्षा चौहान ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया कि जिस गली का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है, वहां गृहकर से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा क्षेत्र की अन्य गलियों का भी सर्वे कराया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी ऐसे मकान या गलियां तो नहीं हैं जो अब तक नगरपालिका के रिकॉर्ड और कर प्रणाली से बाहर हैं।
प्रशासन का मानना है कि खोड़ा क्षेत्र में कई ऐसी गलियां और मकान हो सकते हैं जो नगरपालिका बनने के बाद भी न तो गृहकर रिकॉर्ड में शामिल हुए हैं और न ही उनसे किसी प्रकार का कर वसूला गया है। इसी वजह से अब व्यापक स्तर पर सर्वे अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।