
गाजियाबाद में एक अजीब मामला सामने आया। यहां एक अकेली लड़की ने नेशनल हाईवे 58 पर ट्रैफिक रोक दिया। लड़की सडड़क के बीचोबीच लेट गई गई और आने वाले वाहनों के पहिए थाम दिए। यह लड़की अपने पिता और मां के साथ आई और मोदीनगर इलाके में थाने के सामने नेशनल हाईवे 58 पर लेट गयी। जिससे ट्रैफिक रुक गया। जाम लगने पर मौके पर पुलिस पहुंची। घंटों तक पुलिस लड़की को मनाती रही लेकिन लड़की मानने को तैयार ही नहीं। सवाल ये है कि लड़की सड़क पर लेटी क्यूं और अगर लेटी तो पुलिस ने कड़ी रुख न अपनाते हिए मनाने में क्यों लगी थी।
दरअसल, लड़की की अनुसार मामला मोदीनगर पुलिस थाने से जुड़ा हुआ है। युवती का आरोप है कि वर्ष 2021 में उसका अपहरण किया गया था। पुलिस ने उसके मामले में घोर लापरवाही बरती। युवती का आरोप है कि कोर्ट के सामने उसके बयान में भी आनाकानी की गई। साथ ही उसका अपहरणकर्ता खुलेआम घूमता रहा। आगे युवती ने आरोप लगाया कि काफी दिनों बाद जब उसने इस मामले में संघर्ष किया तो एक आरोपी को तो जेल भेज दिया, लेकिन बाकी आरोपी अभी भी खुले में हैं।
रिश्वत ले लेते हैं अफसर
इतना ही नहीं मामले में युवती ने अफसरों पर आरोप लगाए। मामले में जांच कर रहे पूर्व अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप भी लगया। इस पूरे मामले को लेकर युवती और उसका परिवार काफी देर तक सड़क पर लेटा रहा। पुलिस के चल रहे खेल के खिलाफ आवाज उठाई।
क्या है योगी सरकार की सुरक्षा
सवाल यहां यह भी है कि योगी सरकार महिला सुरक्षा के दावे करती है तो क्या गाजियाबाद पुलिस के लिए यह युवती कोई मायने नहीं रखती क्यों कि मजबूर होकर अपने परिवार के साथ गर्मी में सड़क पर लेटना पड़ा यह एक बड़ा सवाल है। महिला के साथ इतनी बड़ी घटना के बाद पुलिस अभी नहीं चेत रही है।