
गाजियाबाद। राजधानी दिल्ली की तरह अब यूपी के शहर गाजियाबाद और नोएडा में घुसने पर लोग यातायात के नियमों के प्रति संजीदगीं दिखाते नजर आएंगे। क्योकि अगर किसी ने अगर नियमों की धज्जी उडाने की कोशिश की तो चालान सीधा आपके घर पहुंचेगा। हालांकि इसमें भी आपके लिए सहूलियत बरती गई है कि आप अपने पेमेंट को पेटीएम से कर सकेगें। यूपी सरकार की तरफ से इसे अमलीय जामा पहनाते हुए पहले चरण में गाजियाबाद और नोएडा को ई मोबाईल फोन दिए गए है। इसकी मदद से चालान को काट कर नियमों का पाठ पढाने की कोशिश की जाएंगी।
नोएडा और गाजियाबाद को दिए गए ई-मोबाईल
प्रदेश में ई-चालान की व्यवस्था पहले चरण में राजधानी लखनऊ के साथ ही नोएडा और गाजियाबाद में शुरू की जाएगी। इसको प्रारंभ करने के लिए गाजियाबाद को 154 ई- मोबाइल दिए गए हैं। नोएडा को 153 व लखनऊ में यह संख्या 194 हैं। प्रिंटर खरीदने के बाद ही शहर में यह व्यवस्था अमल में लाई जाएगी। अभी रसीद से ही वाहनों के चालान भुगतने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
नियम तोड़कर भागने पर घर पहुंचेगा चालान
रेड लाइट व चौराहों पर नियमों को ताक पर रखकर वाहन निकालने वाले भी अब बख्शे नहीं जाएंगे। ई- चालान मोबाइल फोन के माध्यम से ऐसे लोगों पर यातायात पुलिस शिकंजा कसेगी। अगर कोई वाहन चालक नियम की अनदेखी कर रेड लाइट होने पर सड़क क्रास करता है तो उसके वाहन का फोटो ई-मोबाइल फोन में आ जाएगा। लोकेशन की फोटो के साथ चालान वाहन के कागजात में लिखे पते पहुंच जाएगा।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर का कहना
ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमेश तिवारी ने बताया कि ई-चालान मोबाइल के तहत जिस वाहन का चालान कटेगा उसकी
सूचना वाहन स्वामी के मोबाइल पर मैसेज से तुरंत ही पहुंच जाएंगी। वाहन के कागजात में जो मोबाइल नंबर
अंकित होगा उसी पर संदेश की यह सुविधा रहेगी। ताकि दूसरे व्यक्ति के भी वाहन ले जाने पर मालिक को
उसके चालान होने की जानकारी मिल जाए।