
AK sharma News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में जमानिया विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि ऊर्जा मंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वह अनुपस्थित थे। इसके साथ ही वह जनप्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं के फोन का जवाब नहीं देते और समस्याओं के समाधान में भी रुचि नहीं दिखा रहे थे। वहीं, गाजीपुर के अधीक्षण अभियंता को भी ऊर्जा मंत्री ने अंतिम चेतावनी दी है।
जानकारी के मुताबिक, जमानिया विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अशर्फीलाल को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि अशर्फीलाल जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब नहीं देते थे और उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में भी रुचि नहीं दिख रहे थे। ऊर्जा मंत्री को इस बारे में कई दिनों से शिकायतें मिल रही थी। वहीं, बिजली विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान ऊर्जा मंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी वह अनुपस्थित थे, जिसके बाद उनके ऊपर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
एक्सईएन के निलंबन के बाद जमानिया विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल, जमानिया क्षेत्र में लंबे समय से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। क्षेत्र के 100 से अधिक ट्रांसफार्मर ऐसे हैं, जो लंबे समय से खराब हैं और उन्हें समय पर नहीं बदला गया है। आए दिन उपभोक्ता इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री से कर रहे थे। कई ऐसे इलाके हैं जहां सप्ताह भर से विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। खराब ट्रांसफार्मर को बदलने और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने में देरी को लेकर उपभोक्ताओं में खासा नाराजगी है।
जमानिया के एक्सईएन के साथ ही गाजीपुर के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना को भी ऊर्जा मंत्री ने कड़ी और अंतिम चेतावनी दी है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया है कि पूरे जिले में उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के तौर पर निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही खराब हुए ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की समीक्षा कर उनकी क्षमता को जल्द से जल्द बढ़ानेनपर जोर दिया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि विद्युत आपूर्ति से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऊर्जा मंत्री के एक्शन के बाद विद्युत विभाग में खलबली मची हुई है। ऊर्जा मंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि उपभोक्ताओं के शिकायतों के निस्तारण में अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आएगी तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जरूर की जाएगी।