
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। (फोटो- ANI)
Rahul Gandhi Prayagraj Program: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित 'गूंज' कार्यक्रम को रद्द किए जाने के बाद एक बार फिर से अनुमति दे दी गई है। इस कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कुछ शर्तों का भी पालन करना होगा। कायस्थ पाठशाला (केपी) ट्रस्ट ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को हाईकोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया था, लेकिन गुरुवार की देर रात एक बार फिर केपी ट्रस्ट ने इस कार्यक्रम को सशर्त मंजूरी दे दी है। अब 8 अगस्त को यह कार्यक्रम केपी ग्राउंड में ही आयोजित किया जाएगा। आयोजन के मंजूरी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति के आधार पर ही ट्रस्ट ने अपना फैसला बदला है। ट्रस्ट ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी शर्तों का कड़ाई से पालन करते हुए तैयारी कर सकती है। केपी ट्रस्ट ने इस संबंध में जानकारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को दे दी है, जिसके बाद कार्यकर्ता दुगुने उत्साह के साथ इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
वहीं, अजय राय ने केपी ट्रस्ट को लिखित आश्वासन भी दिया है और आस्वस्थ किया है कि किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। अजय राय ने बताया है कि ग्राउंड के केवल उसी हिस्से का उपयोग किया जाएगा, जहां पर कार्यक्रम प्रस्तावित है। शाम 5 बजे से इस कार्यक्रम को शुरू किया जाएगा और इस दौरान खिलाड़ियों और खेलकूद की गतिविधियों में बाधा उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट या किसी भी न्यायालय का सम्मान किया जाएगा और आदेश की अवहेलना नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान स्कूल के मेन कैंपस का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही खेल ग्राउंड में यदि किसी तरह की क्षति पहुंचती है तो उसकी मरम्मत और व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी पार्टी की होगी। अजय राय ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से गैर-व्यावसायिक है। इससे इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेशों का कोई उल्लंघन नहीं होगा। केपी ट्रस्ट की अनुमति दिए जाने के बाद कांग्रेस ने ट्रस्ट से मुआवजे की मांग से जुड़ा अपना पुराना पत्र वापस ले लिया है।
दरअसल, राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा शनिवार 8 अगस्त को प्रस्तावित है। इस दौरान वह छात्रों की गूंज कार्यक्रम के तहत छात्रों से संवाद करने वाले थे, जिनमें पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा किया जाना था। इस अभियान की शुरुआत राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से की थी। वहां महारैली के जरिए इसे लॉन्च किया गया था। इसके बाद देहरादून में भी इस कार्यक्रम को किया गया और अब प्रयागराज में इसे किया जाना था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की शिक्षा नीति में दूरदर्शिता की कमी है। इससे पहले पार्टी ने बताया था कि राहुल गांधी प्रयागराज पटना और दिल्ली में भी छात्रों से जुड़े सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
Updated on:
07 Aug 2026 09:02 am
Published on:
07 Aug 2026 09:02 am
