
Afzal Ansari On Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर विवाद यूपी तक पहुंच गया है। अब उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजल अंसारी ने बक्सर में हुए 'भरत तिवारी एनकाउंटर' को लेकर पुलिस की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सपा सांसद ने एनकाउंटर को पूरी तरह से गैर-कानूनी और संविधान के खिलाफ बताया है।
अफजल अंसारी ने कहा कि बक्सर में जो कुछ भी हुआ वह आज सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया देख रही है। एनकाउंटर से पहले की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें भरत तिवारी अपने घर पर अकेले ही किसी वीर की तरह खड़ा नजर आ रहा था। अफजल ने कहा कि उसने भले ही अपना भौकाल बनाने की कोशिश की हो, लेकिन अंत में उसने अपनी शर्तें रखते हुए पुलिस को अपना हथियार सौंप दिया था। हथियार दे देने के बाद उसे गोली मारने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है। अब जनता और राजनीतिक दलों का सीधा आरोप है कि जब भरत ने अपना हथियार डालकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था तो फिर उसे गोलियां क्यों मारी गईं।
सपा सांसद ने पुलिस की इस पूरी कार्रवाई को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एक बार जब आरोपी ने हथियार डाल दिए तो उसे गिरफ्तार करके अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए था। इस तरह से हत्या कर देना सीधे तौर पर देश के कानून और संविधान का खुला उल्लंघन है। अफजल अंसारी के इस तीखे बयान के बाद भरत तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा बिहार के साथ ही यूपी की सियासत में भी गरमा गया है।
भरत भूषण तिवारी बिहार के भोजपुर जिले के बिलौती गांव का रहने वाला था। 28 वर्षीय भरत अपने इलाके में काफी सक्रिय था और स्थानीय मुद्दों को लेकर हमेशा मुखर रहता था। वह मुख्य रूप से गांव की सड़क और अन्य मूलभूत जनसमस्याओं को उठाने के कारण स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया था। जनता से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखने के कारण ही उसकी एक अलग पहचान बन गई थी। यही वजह है कि पुलिस द्वारा किए गए उसके एनकाउंटर पर अब गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं।