Suvendu Adhikari PA Murder : शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बंगाल पुलिस का यूपी के गाजीपुर में बड़ा एक्शन। आधी रात को गांव में मारा छापा, एक युवक को लिया हिरासत में। जानें टोल प्लाजा के किस सुराग से खुली फाइल।
गाजीपुर(Suvendu Adhikari PA Murder) : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बंगाल पुलिस की टीम ने रविवार की मध्यरात्रि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में छापेमारी की। पुलिस ने जमानिया कोतवाली क्षेत्र के मतसा और देवरिया गांवों में दबिश दी। इस दौरान मतसा गांव से एक युवक को हिरासत में लिया गया, जबकि मुख्य संदिग्ध फरार है।
बंगाल पुलिस और स्थानीय जमानिया कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम पांच गाड़ियों में मतसा गांव पहुंची। टीम ने संदिग्ध के घर का गेट खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने छोटी दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और पूरे घर की तलाशी ली।
जिस व्यक्ति की मुख्य तलाश थी, वह वहां नहीं मिला। पुलिस ने उसके पड़ोसी एक युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया गया। इसके बाद टीम ने निकटवर्ती देवरिया गांव में भी छापा मारा, लेकिन वहां कोई महत्वपूर्ण सुराग या व्यक्ति नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार, गाजीपुर के विनय राय का नाम इस मामले में संदिग्ध के रूप में सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस उसकी गतिविधियों और नेटवर्क की जांच कर रही है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई 2026 की रात को कोलकाता के निकट मध्यमग्राम (उत्तर 24 परगना) में हुई थी। दोपहिया वाहन सवार हमलावरों ने उनकी कार को रोका और करीब 10 राउंड फायरिंग की। रथ मौके पर ही मारे गए, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या सुनियोजित थी। हमलावरों ने फर्जी नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल किया। UPI पेमेंट (टोल प्लाजा पर) एक अहम सुराग बना, जिसके आधार पर बिहार और यूपी से तीन संदिग्ध शार्पशूटरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
चंद्रनाथ रथ मामले में अब तक तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य (बक्सर, बिहार), राज सिंह (बलिया, यूपी) को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।
छापेमारी से गांवों में दहशत का माहौल है। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को जरूरी बताया, जबकि कई अन्य इसे बिना पर्याप्त जानकारी के की गई कार्रवाई मानते हैं। पुलिस ने कहा है कि वे सभी सुरागों की जांच कर रहे हैं और जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।