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प्रतीक यादव की अस्थि विसर्जन के समय भावुक हुई बेटी तो सांसद आदित्य यादव बोले,-‘मैं हूं ना’

Prateek Yadav Ash Immersion : प्रतीक यादव के अस्थि विसर्जन पर भावुक हुईं 7 साल की बेटी पद्मजा, पिता के लिए लिखा 'I Love You Papa'. रोती भतीजी को देख सांसद आदित्य यादव बोले- 'मैं हूं ना'।

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Prateek Yadav

प्रतीक यादव को आखिरी प्रणाम करते समय रो पड़ी बेटी, PC- Instaram (skphotography687)

लखनऊ(Prateek Yadav Ash Immersion) : गंगा की कल-कल करती लहरों के बीच मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अस्थियों का विसर्जन हो रहा था। लेकिन उस पावन घाट पर सबसे ज्यादा दिल छूने वाला दृश्य था। प्रतीक की सात साल की छोटी बेटी पद्मजा का।

पद्मजा ने अपने छोटे-छोटे हाथों में एक रंग-बिरंगा कार्ड थामा हुआ था। उस पर उसने खुद अपनी नन्हीं उंगलियों से लिखा था I Love You Papa और नीचे एक टूटा हुआ दिल बना दिया था। कलश को माथे से लगाते ही बच्ची का सारा शरीर कांप उठा। वह फूट-फूटकर रो पड़ी। बार-बार 'पापा… पापा…' कहकर पुकार रही थी। उसकी आवाज इतनी करुण थी कि गंगा घाट पर खड़े हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

भावुक हो गया घाट पर खड़ा हर व्यक्ति

मां अपर्णा यादव खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। उन्होंने बेटी को चिपकाकर सीने से लगा लिया, मानो अपनी सारी ताकत से उसकी पीड़ा को खुद में समो रही हों। दोनों मां-बेटी एक-दूसरे से लिपटी रो रही थीं। पिता की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करते वक्त पद्मजा ने अपना वो कार्ड भी धीरे-धीरे पानी में छोड़ दिया। लहरों के साथ वो कार्ड बहता चला गया। जैसे बच्ची अपने पापा को आखिरी बार अपना प्यार भेज रही हो।

इसी पल में बराबर खड़े चाचा आदित्य यादव (बदायूं सांसद) आगे बढ़े। उन्होंने पद्मजा का सिर प्यार से सहलाया और भावुक होकर कहा कि, 'कोई बात नहीं बेटा… रो मत। मैं हूं ना।'

ये तीन शब्द 'मैं हूं ना' उस वक्त उस मासूम बच्ची के लिए शायद पूरी दुनिया भर गए। आदित्य यादव की आवाज़ भी भारी थी। उनकी आंखों में भी आंसू थे, लेकिन उन्होंने बेटी को मजबूती से थाम रखा था। जैसे कह रहे हों कि अब से मैं तुम्हारा सहारा हूं।

प्रतीक यादव मात्र 38 साल की उम्र में चले गए। उनकी अचानक विदाई ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। बड़ी बेटी प्रथमा चुपचाप एक तरफ खड़ी सब देख रही थी, जबकि छोटी पद्मजा अभी पिता की कमी को पूरी तरह समझ भी नहीं पाई थी, बस इतना जानती थी कि पापा अब कभी घर नहीं आएंगे।

सांसद आदित्य यादव ने प्रवाहित किया कलश

सांसद आदित्य यादव (शिवपाल सिंह यादव के बेटे) ने कलश को गंगा में प्रवाहित करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने और बेटी ने अस्थियों से भरे घड़े को माथे से लगाकर अंतिम प्रणाम किया। परिवार के अन्य सदस्य तेज प्रताप यादव, अक्षय यादव और ससुर अरविंद सिंह बिष्ट भी मौजूद थे। प्रतीक यादव फेफड़ों में खून के थक्के (पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म) के कारण अचानक चले गए थे।