बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह बिहार चुनाव प्रचार के दौरान गुरुवार को खराब मौसम के कारण उनके हेलीकॉप्टर की एक खेत में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हेलीकॉप्टर से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उन्हें 6 साल की एक मुस्लिम बच्ची याद आई। जो उन्हें पटना एयरपोर्ट पर मिली थी।
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बड़ी घटना से बाल-बाल बचे। भोजपुर जिले में खराब मौसम और तेज बारिश के बीच उनके हेलिकॉप्टर को खेत में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। बृजभूषण ने बाद में इस पूरी घटना का विवरण साझा किया। एक मासूम बच्ची से जुड़ा भावनात्मक वाकया भी सुनाया। जिसे उन्होंने “ईश्वर का संकेत” बताया।
बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार को बिहार में एनडीए प्रत्याशी राधा चरण शाह (जदयू) के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने भोजपुर में जनसभा को संबोधित किया। उसके बाद हेलिकॉप्टर से दिनारा विधानसभा क्षेत्र की ओर रवाना हुए। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज हवाओं और घने बादलों के कारण दृश्यता लगभग खत्म हो गई। उन्होंने बताया कि पायलट को सामने कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। सौभाग्य से उनके साथ एक इंजीनियर भी मौजूद थे। जिन्होंने हालात का आंकलन किया। और तुरंत आपातकालीन लैंडिंग का सुझाव दिया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए खेत में हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया। उतरने के दौरान बिजली के तार सबसे बड़ी चुनौती थे। लेकिन पूरी टीम ने धैर्य से काम लिया। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से सभी सुरक्षित रहे।
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में बृजभूषण सिंह ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। उन्होंने एक 6-7 साल की मुस्लिम बच्ची का जिक्र किया। जिससे वे पटना एयरपोर्ट पर मिले थे। बच्ची उनके साथ फोटो खिंचवाना चाहती थी। लेकिन उनके पारंपरिक हिंदू पहनावे और पगड़ी देखकर झिझक रही थी।
बृजभूषण ने खुद पहल करते हुए उसके साथ तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “जब मैं हेलिकॉप्टर से बाहर निकला। तो सबसे पहले उसी बच्ची की याद आई। शायद उसकी मासूम दुआओं का ही असर था कि आज हम सब सुरक्षित हैं।”
इसके अलावा, बृजभूषण ने अभिनेता और गायक पवन सिंह के राजनीतिक रुख पर भी बात की। उन्होंने बताया कि पवन सिंह लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज थे। लेकिन अब पार्टी के लिए प्रचार में जुटे हैं। “पवन सिंह के पास जनता से जुड़ने की बड़ी ताकत है। अगर वो पार्टी के लिए काम करें तो इसका बड़ा असर दिखेगा।
बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी बेटी शालिनी सिंह का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि शालिनी ने खुद के दम पर लॉ फैकल्टी की अध्यक्षता हासिल की। जो आज तक किसी महिला को नहीं मिली थी। “मेरी बेटी ने कभी मेरा राजनीतिक प्रभाव इस्तेमाल नहीं किया। बल्कि मेहनत से अपना मुकाम पाया,” उन्होंने कहा कि दिनारा की घटना के बाद ग्रामीणों में यह चर्चा थी कि अगर पायलट ने एक मिनट की भी देरी की होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन सूझबूझ और ईश्वर की कृपा से सब कुछ सुरक्षित रहा।