Avadh Ojha in Gonda: आम आदमी पार्टी के नेता अवध ओझा ने चुनावी हार को राजनीति की स्वाभाविक प्रक्रिया बताया। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 50 हजार लोगों ने उन्हें समर्थन दिया। ये बातें उन्होंने अपने गृह जनपद गोंडा में कही।
Avadh Ojha Big Statement: उत्तर प्रदेश के गोंडा में अपने समर्थकों से जनसंपर्क के दौरान मीडिया से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता अवध ओझा ने कहा,"यह मेरा पहला चुनाव था, और मुझे 50,000 लोगों का समर्थन मिला। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि इतने लोगों ने मुझ पर विश्वास जताया।"उन्होंने बताया कि जहां एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की जमानत जब्त हो गई, वहीं आम आदमी पार्टी को कार्यकर्ताओं और जनता का व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बताते हुए कहा कि "हमें खुशी है कि हमें एक नेता के रूप में पहचान मिली।"
चुनावी हार को लेकर पूछे गए सवाल पर ओझा ने कहा,"हार राजनीति का हिस्सा है, यह कोई असामान्य बात नहीं है। मैंने पहले ही कहा था कि यह मेरी व्यक्तिगत हार है क्योंकि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से सही तरीके से जुड़ नहीं पाया। मुझे सिर्फ 25 दिन का समय मिला, जो पर्याप्त नहीं था। लेकिन अगली बार मैं और मेहनत करूंगा, ताकि अपने लोगों से बेहतर तरीके से कनेक्ट हो सकूं और उनकी उम्मीदों पर खरा उतर सकूं।"
इस बार के विधानसभा चुनाव में दिल्ली की सत्ता पर 10 साल से काबिज आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्त मिली। 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया शामिल हैं, को हार का सामना करना पड़ा।
| प्रत्याशी का नाम | पार्टी | वोट |
| रविंदर सिंह नेगी | भाजपा | 45,988 |
| अवध ओझा | आप | 45,988 |
| अनिल कुमार | कांग्रेस | 16,549 |
अवध ओझा ने इस समर्थन को अपनी राजनीतिक यात्रा की मजबूत शुरुआत बताते हुए आगे और मेहनत करने का संकल्प लिया। अवध ओझा को पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी के रविंदर सिंह नेगी से 28,072 वोटों के अंतर से हार गए।