
Brij Bhushan Singh: दिल्ली की अदालत से राहत मिलने के बाद गोंडा में आयोजित 'सत्यमेव जयते' रैली में पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और पूरे विवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे पेश किया गया। जैसे उन्होंने कोई जघन्य अपराध किया हो, जबकि मामला 'गुड टच और बैड टच' का था। साथ ही उन्होंने पास्को कानून की समीक्षा की मांग भी उठाई।
गोंडा में आयोजित 'सत्यमेव जयते' रैली के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों, अदालत में चले मुकदमे और पास्को कानून को लेकर कई बड़े बयान दिए। उनके भाषण के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही।
बृजभूषण सिंह ने कहा कि यदि वह उस समय झुक जाते तो पूरा मामला वहीं खत्म हो जाता। उनके राजनीतिक जीवन का भी अंत हो जाता। उन्होंने कहा कि काफी सोचने के बाद उन्हें लगा कि पूरा विवाद 'गुड टच और बैड टच' को लेकर खड़ा किया गया।
उन्होंने कहा, 'मैंने किसी की साड़ी नहीं खींची। मुझे ऐसे पेश किया गया जैसे मैंने किसी के साथ दुष्कर्म किया हो। जबकि आरोप केवल इतने थे कि पदक देने के दौरान मैंने खिलाड़ियों को छू लिया था। उनका कहना था कि बधाई देने के दौरान हुए इस व्यवहार को गलत तरीके से पेश किया गया। पूरे मामले को बहुत बड़ा बना दिया गया।
पूर्व सांसद ने दावा किया कि उनके खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा यौन उत्पीड़न जैसा आंदोलन चलाया गया। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी इतना बड़ा अभियान नहीं चला। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ देश ही नहीं, बल्कि कनाडा और ब्रिटेन में भी पोस्टर लगाए गए।
पास्को कानून का जिक्र करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि इस कानून की समीक्षा होनी चाहिए। उनके अनुसार, कुछ लोग झूठे मामलों का बोझ नहीं झेल पाते और पूरी तरह टूट जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज कुछ लोग पैसे के आधार पर पास्को जैसे मामले दर्ज कराने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने अपने मुकदमे का जिक्र करते हुए कहा कि 127 तारीखों के दौरान उन्होंने अदालत में एक भी आवेदन नहीं दिया। जबकि शिकायतकर्ता पक्ष कई महीनों तक बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आज राजनीति में महिलाओं, किसानों और आम लोगों की आड़ लेकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ आंदोलन करने का चलन बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक लड़ाई लड़नी है। तो सामने से लड़नी चाहिए। पीछे से नहीं।