गोंडा

‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बृजभूषण शरण सिंह का बयान: पोस्टर से कोई दिक्कत नहीं, लेकिन…

उत्तर प्रदेश में 'आई लव मोहम्मद' नारे को लेकर छिड़े विवाद के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी अपना बयान दिया है। उनका कहना है कि हमें मोहम्मद साहब से प्यार करने में कोई दिक्कत नहीं है। बशर्ते...
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Sep 28, 2025
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गोंडा : उत्तर प्रदेश में 'आई लव मोहम्मद' नारे को लेकर छिड़े विवाद के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि मोहम्मद साहब से प्यार करने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू भी भगवान राम और कृष्ण से प्रेम करते हैं, लेकिन इस नारे के पीछे अगर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने या किसी संप्रदाय को नीचा दिखाने की मंशा है, तो भाजपा सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

एक कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'आप मोहम्मद साहब से प्यार करिए, किसी को तकलीफ नहीं है। क्योंकि हम भी कृष्ण से प्यार करते हैं, राम को प्यार करते हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इसके पीछे मंशा क्या है? अगर मंशा सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की है, किसी को नीचा दिखाने की है, तो भाजपा की सरकार में ये चलने वाला नहीं है।' एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और प्रदेश का माहौल किसी भी बहाने से खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी। आरोपियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।

यह बयान कानपुर, लखनऊ और बरेली जैसे जिलों में हाल के दिनों में हुए विवादों के संदर्भ में आया है, जहां 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लगाने और जुलूस निकालने को लेकर तनाव फैला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे 'उकसावे वाली साजिश' करार देते हुए सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।

पंचायत चुनावों से पहले पोस्टर वॉर तेज

उधर, आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति ध्रुवीकरण के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 'आई लव योगी आदित्यनाथ जी' के पोस्टर लगाने के जवाब में समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थकों ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर 'आई लव अखिलेश यादव' के पोस्टर चस्पा कर दिए। यह पोस्टर वॉर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हालिया रायबरेली यात्रा के दौरान शुरू हुआ था।

सपा के प्रदेश सचिव राहुल निर्मल बागी ने ब्रह्मा-विष्णु-महेश के पोस्टर लगाकर सनसनी मचा दी थी, जिसमें तेजस्वी यादव को ब्रह्मा, राहुल गांधी को विष्णु और अखिलेश यादव को महेश (शिव) का अवतार बताया गया था। पोस्टर पर लिखा था, 'इंडिया की अंतिम आस, कलयुग के ब्रह्मा, विष्णु, महेश।' इस कदम से राजनीतिक तापमान और चढ़ गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्टर वॉर पंचायत चुनावों से पहले वोटरों को ध्रुवीकृत करने की रणनीति का हिस्सा है। सपा और भाजपा के बीच यह जुबानी जंग अब सड़कों पर उतर आई है, जो राज्य की सामाजिक एकता के लिए चुनौती पैदा कर रही है। फिलहाल, प्रशासन ने सभी पक्षों को शांति बनाए रखने की चेतावनी जारी की है।

Updated on:
28 Sept 2025 06:17 pm
Published on:
28 Sept 2025 06:17 pm