गोंडा

दबदबा था…दबदबा है…दबदबा बना रहेगा, सुनकर फूट-फूटकर रोए बृजभूषण शरण सिंह

Brij Bhushan Singh cries Rashtrakatha Gonda : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नंदिनी नगर में चल रही राष्ट्रकथा के दूसरे दिन का माहौल बेहद भावुक हो गया। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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Jan 03, 2026
बृजभूषण शरण सिंह राष्ट्रकथा के दौरान फूट-फूटकर रोए, PC- Patrika

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नंदिनी नगर में चल रही राष्ट्रकथा के दूसरे दिन का माहौल बेहद भावुक हो गया। मंच पर मौजूद कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह फूट-फूटकर रोने लगे। करीब एक घंटे तक वे अपने पुराने संघर्षों को याद करते रहे और आंसू बहाते रहे। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

राष्ट्रकथा के दौरान व्यासपीठ से सद्गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज ने राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए अवध क्षेत्र और गोंडा का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा- 'यहां लोग कहते हैं कि बृजभूषण का दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा।' इसके बाद खुद को बृजभूषण शरण सिंह का 'पिता' बताते हुए बोले- 'यहां इनका बाप बैठा है। मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा।'

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सद्गुरु जी ने आगे कहा कि उन्होंने पूरे भारतवर्ष में मां भारती, भगवान राम, भगवान कृष्ण और हनुमानजी के लिए कथा की, लेकिन आज तक किसी से एक रुपया भी स्वीकार नहीं किया। सब कुछ भगवान की कृपा से चल रहा है और आगे भी ऐसे ही चलेगा।

राष्ट्र को जोड़ने के उद्देश्य से हो रही कथा

सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने स्पष्ट किया कि यह कथा केवल राष्ट्र को दिशा देने और खंडित हो रहे राष्ट्र को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। कथा के जरिए उन सभी पक्षों को उजागर किया जाएगा, जिनसे राष्ट्र मजबूत हो और उसकी एकता एवं अखंडता अक्षुण्ण बनी रहे।

140 करोड़ लोग भारतीय संस्कृति को मानने वाले

उन्होंने गर्व के साथ कहा- 'भारत के 140 करोड़ लोग सनातन संस्कृति को मानने वाले हैं। भले ही उनके पूर्वज किसी भी परिस्थिति में कहीं चले गए हों, लेकिन संस्कृति सनातन ही थी, सनातन है और सनातन रहेगी। हम यहां तोड़ने नहीं, बल्कि राष्ट्र और सनातन को एक करने आए हैं। सनातन बिखरा हुआ है। इस कथा को न सिर्फ यहां, बल्कि देश-विदेश में भी लोग सुन रहे हैं।"

सद्गुरु जी ने कहा- 'राष्ट्रकथा करने का अधिकार उसी को है, जिसने पूरी तरह भगवान राम और राष्ट्र पर खुद को न्योछावर कर दिया हो। जिसने अपनी जवानी, वाणी, कहानी और पूरी जिंदगी राष्ट्र के लिए समर्पित कर दी हो, वही भारत की एकता और अखंडता को जोड़ सकता है।'

महाराजा दिलीप प्रांगण में बनेगा बड़ा पर्यटन क्षेत्र

उन्होंने घोषणा की कि महाराजा दिलीप के इस प्रांगण में भारत का सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र बनने जा रहा है। यहां नंदिनी गोमाता और महाराजा दिलीप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग आएंगे।

यह राष्ट्रकथा 1 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक नंदिनी नगर में आयोजित की जा रही है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के संरक्षण में हो रहे इस आयोजन में रोजाना लाखों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा सनातन संस्कृति, राष्ट्र एकता और आध्यात्मिक जागरण पर केंद्रित है।

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Published on:
03 Jan 2026 07:52 pm
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