गोंडा

Gonda News: सड़क हादसे में मौत के बाद शव रखकर प्रदर्शन, 34 नामजद और 50 अज्ञात पर FIR; सपा ने उठाए बड़े सवाल

Gonda News: गोंडा के परसपुर में सड़क हादसे के बाद शव रखकर हुए प्रदर्शन के मामले में 34 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज हुई है। सपा प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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Aug 10, 2026
samajwadi party
सपा प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह फोटो सोर्स पत्रिका

Gonda News: गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। हादसे के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर 34 नामजद और करीब 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अब समाजवादी पार्टी ने इसी कार्रवाई को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए हैं।

एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह सोमवार को अपने समर्थकों के साथ गोंडा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए परसपुर थाने में दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने और कथित तौर पर फर्जी तरीके से नामजद किए गए। लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की मांग की गई।

एसपी ऑफिस पर मौजूद नेता और संगठन के पदाधिकारी

‘कुछ लोग मौके पर थे ही नहीं’

दिग्विजय सिंह का आरोप है कि प्रदर्शन के मामले में दर्ज एफआईआर में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं। जो कथित तौर पर घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उसका नाम एफआईआर में दर्ज है। जबकि वह उस समय जेल में बंद था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र या पुलिस स्तर से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

हादसे के बाद क्यों हुआ था प्रदर्शन?

दरअसल, परसपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर शव रखकर विरोध जताया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर मुकदमा दर्ज किया। वहीं हादसे को लेकर वाहन चालक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी।

सपा ने की निष्पक्ष जांच की मांग

दिग्विजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर शव रखकर विरोध किया था। उनका कहना है कि निर्दोष लोगों को मुकदमे में नामजद नहीं किया जाना चाहिए। सपा ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों पर ही कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि एफआईआर में नामजद सभी लोगों की प्रदर्शन में क्या भूमिका थी।

Updated on:
10 Aug 2026 07:34 pm
Published on:
10 Aug 2026 07:33 pm