गोंडा

Gonda News: गोंडा 16 महीने में मिला इंसाफ, नाबालिग से दुराचार के दोषी को 20 साल की सजा, 10 हजार जुर्माना भी

Gonda News: गोंडा के कौड़िया थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी दिलशाद खान को 20 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है। पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के चलते महज 16 महीने में पीड़िता को न्याय मिला।
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Jul 28, 2026
Bahraich
सांकेतिक फोटो-पत्रिका

Gonda News : गोंडा में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी के चलते महज 16 महीने के भीतर आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। पुलिस अधिकारियों ने इसे त्वरित न्याय और मजबूत पैरवी का परिणाम बताया है।

गोंडा जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 26 मार्च 2024 को कौड़िया थाने में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने के संबंध में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद कौड़िया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी दिलशाद खान को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 16 महीने में मिला इंसाफ

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए। गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को शीघ्र और अधिकतम सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस मामले को भी चिन्हित कर लगातार मॉनिटरिंग की गई।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सुनील मिश्रा और अशोक सिंह ने अदालत में मजबूत पैरवी की। वहीं मॉनिटरिंग सेल, कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल वंदना तथा थाना कौड़िया के पैरोकार हेड कांस्टेबल रामाज्ञा ने भी मामले की प्रभावी पैरवी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट निर्भय प्रकाश ने आरोपी दिलशाद खान को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

पीड़िता को मिला त्वरित न्याय

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि मजबूत साक्ष्य, समयबद्ध विवेचना और प्रभावी पैरवी के कारण पीड़िता को अपेक्षाकृत कम समय में न्याय मिल सका। पुलिस ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Updated on:
28 Jul 2026 09:36 pm
Published on:
28 Jul 2026 09:35 pm