गोरखपुर

बजाज हेल्थ इंश्योरेंस से 1.20 करोड़ का फर्जीवाड़ा…न मरीज, न हॉस्पिटल…फर्जी कागजात से लगा दिए करोड़ों का चूना

गोरखपुर में अवैध व कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी कर बीमा कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस का पैसा ठगने का अपराध करनें के आरोप में दो अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।र व कब्जे से कूटरचित BHT रिपोर्ट, कम्प्यूटर व अन्य दस्तावेज बरामद किया गया है

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Sep 10, 2025
फोटो सोर्स: पत्रिका, बजाज कैपिटल से हेल्थ इंश्योरेंस से करोड़ों का फर्जीवाड़ा

गोरखपुर में शातिर ठगों ने बजाज इंश्योरेंस कंपनी को ही करोड़ों का चूना लगाकर हड़कंप मचा दिया, मामला रामगढ़ताल थाना क्षेत्र स्थित डिसेंट हॉस्पिटल का है, यहां हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से 1.20 करोड़ जालसाजी का मामला सामने आया। पुलिस ने बुधवार को संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया, इन दोनों ने ही तारामंडल के डिसेंट हॉस्पिटल में फर्जी कागजात तैयार करके इंश्योरेंस की रकम का भुगतान कराया गया।

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आरोपियों की हुई पहचान, दोनो आरोपियों पर पहले से दर्ज है गैंगस्टर

पुलिस की जांच पड़ताल में आरोपियों की पहचान डिसेंट हॉस्पिटल के संचालक शमशुल कमर उर्फ सोनू खान और रामगढ़ताल क्षेत्र के मेवातीपुर निवासी प्रवीण त्रिपाठी उर्फ विकास मणि के रूप में हुई। संचालक शमशूल पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। जबकि प्रवीण त्रिपाठी उर्फ विकास मणि हॉस्पिटल के काम में पार्टनर था। उसके ऊपर भी 6 मुकदमे दर्ज हैं। प्रवीण पर एक मुकदमा यौन शोषण का भी कैंट थाने में दर्ज है। रामगढ़ताल थाने में गैंगस्टर का भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस की जांच में गोरखपुर और बस्ती में स्थित डिसेंट हॉस्पिटल में इंश्योरेंस कंपनी से पंद्रह मरीजों के सवा करोड़ का भुगतान का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह को सपोर्ट करने वालों में शहर के कई बड़े डॉक्टरों के भी नाम सामने आए हैं।

जानिए कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बजाज कंपनी के मैनेजर अनूप अग्रवाल ने रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि एक संदिग्ध भुगतान की जांच कराई गई तो पता चला है कि दिल्ली निवासी सत्यवीर के नाम का खाता मेरठ में फर्जी तरीके से खोला गया था। फिर उसका डिसेंट अस्पताल में उपचार दिखाया गया और उसके हेल्थ इंश्योरेंस का भुगतान कराया गया। जांच में सत्यवीर ने इलाज व भर्ती होने से इनकार कर दिया। इसके बाद फाइनेंस कंपनी की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।

जांच में कई और सफेदपोश भी शामिल मिले हैं

SP सिटी अभिनव त्यागी व CO कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि जब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई तो पता चला कि सत्यवीर अकेला नहीं है। इसी तरह के दर्जन भर से ज्यादा लोगों का डिसेंट अस्पताल में ही उपचार दिखाकर बजाज कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस के 1.20 करोड़ रुपए हड़प लिए गए हैं। इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने संचालक व सहयोगी को दबोच लिया। पूछताछ में अन्य इंश्योरेंस कंपनियों से भी फर्जीवाड़े का भी मामला सामने आया है।बजाज कंपनी की ओर से एक और नर्सिंग होम एनेक्स का भी नाम बताया गया। इसकी जांच करने पर पता चला कि इस नाम का कोई अस्पताल ही अस्तित्व में नहीं है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक रामगढ़ ताल नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव, SI राम सिंह थाना रामगढ़ताल जनपद गोरखपुर , SI अनित कुमार राय थाना रामगढ़ताल जनपद गोरखपुर ,SI उपेन्द्र सिंह साइबर थाना जनपद गोरखपुर , SI उपेन्द्र कुमार निर्मल थाना रामगढ़ताल जनपद गोरखपुर ,लेडी SI आयशा बानो थाना रामगढ़ताल जनपद गोरखपुर, लेडी SI शिखा सोनी थाना रामगढ़ताल जनपद गोरखपुर ,का.अतुल रजक थाना रामगढ़ताल जनपद गोरखपुर शामिल थे।

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    Updated on:
    10 Sept 2025 08:20 pm
    Published on:
    10 Sept 2025 07:51 pm
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