गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में फिलहाल बदहाल अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आती रहती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एक बच्चे को इमरजेंसी के बाहर फर्श पर बिठाकर ड्रिप चढ़ाया जा रहा है।
गोरखपुर का BRD मेडिकल कालेज अक्सर सुर्खियों में बना रहता है, इस बार कॉलेज के व्यवस्था की पोल खोल रही एक घटना सामने आई है। बता दें कि शहर के जंगल धूसड़ में टोला रेतवहिया निवासी लल्लन के पुत्र राज (दस वर्ष) का गिरने से बायां हाथ टूट गया। परिजन से इलाज के लिए लेकर BRD मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में पहुंचे, लेकिन वहां बच्चे को समय पर जरूरी सुविधाएं नहीं मिल सकीं। इमरजेंसी आर्थो ओटी के सामने फर्श पर बैठाकर खूंटी में बोतल टांगकर उसे ड्रिप चढ़ाई गई।
वहां की स्थिति यह थी कि उसे आर्थो विभाग के इमरजेंसी ओटी तक ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही ह्वील चेयर दी गई। परिजन गोद में उठाकर किसी तरह उसे लेकर आर्थो ओटी पहुंचे तो बच्चे को इमरजेंसी आर्थो ओटी के बाहर फर्श पर बैठा दिया गया। ड्रीप चढ़ाने के लिए स्टैंड तक नहीं मिला और इमरजेंसी के बाहर एक खूंटी में बोतल टांगकर ड्रीप चढ़ाई गई।
परिजन बार, बार स्टाफ से जरूरी चीजें देने का निवेदन करते रहे लेकिन सबने इसे अनसुना कर दिया। अब अगर इमरजेंसी में ही जरूरी सुविधाओं का अभाव है तो अन्य विभागों का क्या हाल होगा। बच्चे को तत्काल सर्जरी की जरूरत है इसके बावजूद जिम्मेदार टरकाते रहे। जब यह मामला फैला तो इस पर प्राचार्य डा. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पर्याप्त संख्या में इमरजेंसी में ड्रिप स्टैंड, स्ट्रेचर व ह्वील चेयर हैं। मांगने पर कर्मचारी दे देते हैं। यदि इसमें किसी कर्मचारी का दोष मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राचार्य के इस बात का कितना असर होता है यह समय बताएगा।