
Property Registration Rules Update: अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब जमीन या मकान की रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड के सत्यापन के साथ नेपाल के सीमावर्ती जिलों में पैन कार्ड भी अनिवार्य होगा। अगर क्रेता या विक्रेता के पास पैन कार्ड नहीं है, तो वे अब संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं कर पाएंगे। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा की ओर से बुधवार को सभी सहायक महानिरीक्षक निबंधन और उप निबंधकों को निर्देश जारी किया गया।
हालांकि इसके पहले जिनके पास पैन कार्ड नहीं होता था, वे आयकर विभाग से जुड़े फॉर्म 60 भरकर संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकता था लेकिन अब शासन ने इस फॉर्म का ऑप्शन ही खत्म कर दिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अचल संपत्तियों के लेन-देन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। विभाग के अधिकारियों की माने तो आधार सत्यापन से जहां फर्जी पहचान पर लगाम लगी है, वहीं पैन कार्ड की अनिवार्यता से जमीन और मकान में होने वाले अंधाधुंध निवेश पर रोक लग सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक, अब संपत्ति खरीदते समय पैन नंबर का बताना जरूरी होगा।
विभाग का मानना है कि पैन कार्ड से लेन-देन का स्पष्ट वित्तीय रिकॉर्ड मौजूद होगा, जिससे काले धन के इस्तेमाल और संदिग्ध निवेश की पहचान करना आसान हो सकेगा। रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संभावित चुनौतियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अगर कोई व्यक्ति अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्ति खरीदने का प्रयास करता है तो उसकी पहचान और उस संपत्ति पर होने वाले विकास कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण संभव इस कदम के बाद हो सकेगा।
इसके अलावा अब संबंधित जिलों में सभी प्रकार के अचल संपत्ति विलेखों के पंजीकरण में पक्षकारों को पैन नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। विभागीय साफ्टवेयर के जरिए पैन का ऑनलाइन सत्यापन होने के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।