गोरखपुर

गोरखपुर पुलिस का जांबाज ‘उत्तलम’ 16 साल की उम्र में हुआ रिटायर, CM की सुरक्षा में तैनात था यह डॉग

गोरखपुर पुलिस के जांबाज खोजी कुत्ते 'उत्तलम' को 16 साल की उम्र में रिटायर कर दिया गया है। अब उसकी जगह बेल्जियम शेफर्ड 'मैक्स' वीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा।

2 min read
Mar 10, 2026
Photo Source - X

गोरखपुर पुलिस के डॉग स्क्वायड के खोजी कुत्ते 'उत्तलम' ने 16 साल की उम्र पूरी होने पर ड्यूटी से संन्यास ले लिया है। बढ़ती उम्र के कारण अब उसे चलने और सूंघने में कठिनाई हो रही थी। इसके चलते विभाग ने उसे आराम देने का फैसला किया है। वर्तमान में उत्तलम को पुलिस लाइन के सामने स्थित आवास में रखा गया है। यहां उसकी विशेष देखभाल की जा रही है।

ये भी पढ़ें

दुश्मन को जेल भेजने के लिए आगरा के किसान ने की ‘खतरनाक’ प्लानिंग, पुलिस को भी कर दिया था दंग

15 साल में 12 असलहों की बरामदगी

उत्तलम ने पुलिस विभाग में करीब 15 वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाई है। अपने पूरे सेवाकाल के दौरान उसने अपनी सूंघने की शक्ति से पुलिस को 12 से अधिक अवैध असलहे बरामद करने में मदद की। उसने कई पेचीदा मामलों को सुलझाने और अपराधियों तक पहुंचने में भी पुलिस का बखूबी साथ दिया।

7 साल तक संभाली VIP सुरक्षा

वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से उत्तलम की जिम्मेदारी और बढ़ गई थी। उसे गोरखनाथ मंदिर परिसर की वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था। पिछले सात वर्षों तक वह मंदिर की सुरक्षा का हिस्सा रहा और पूरी तत्परता से अपनी ड्यूटी निभाई।

12 साल के बाद भी बरकरार रही फुर्ती

डॉग स्क्वायड के प्रभारी के मुताबिक, वर्ष 2011 में दस्ते में शामिल हुआ यह डाबरमैन प्रजाति का कुत्ता अन्य स्वानों से काफी अलग था। आमतौर पर डॉग्स की सूंघने की क्षमता 9 साल में कम होने लगती है, लेकिन उत्तलम 12 साल की उम्र तक पूरी फुर्ती के साथ काम करता रहा। हालांकि 2024 के अंत में चोट लगने और वृद्धावस्था के कारण उसे अब चलने और गाड़ी पर चढ़ने में समस्या होने लगी थी।

मैक्स ने संभाली उत्तलम की विरासत

उत्तलम के रिटायर होने के बाद अब उसकी जगह बेल्जियम शेफर्ड प्रजाति के 'मैक्स' को डॉग स्क्वायड में शामिल किया गया है। मैक्स ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपना कड़ा प्रशिक्षण पूरा किया है। फिलहाल मैक्स को वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दस्ते में तैनात अन्य जांबाज साथी

गोरखपुर के डॉग स्क्वायड में केवल उत्तलम और मैक्स ही नहीं बल्कि कई अन्य माहिर स्वान भी अपनी विशिष्ट क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं। डाबरमैन प्रजाति का 'टोनी' अपराध जगत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस का दाहिना हाथ माना जाता है। टोनी मुख्य रूप से चोरी और हत्या जैसे गंभीर मामलों में अपराधियों के सुराग ढूंढने का काम करता है।

बम और ड्रग्स के खिलाफ विशेष टीम

सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए जर्मन शेफर्ड प्रजाति का 'वेनमोर' तैनात है। ये बम और बारूद खोजने में एक्सपर्ट है। वेनमोर की ड्यूटी एयरपोर्ट, कचहरी, मंदिर और अन्य वीआईपी सुरक्षा वाले क्षेत्रों में लगाई जाती है। वहीं पिछले 5 वर्षों से 'जूली' नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग लड़ने में पुलिस की मदद कर रही है। जूली ने ड्रग्स, चरस और गांजा जैसे तस्करी के सामान को पकड़ने में कई बार बड़ी कामयाबी हासिल की है।

ये भी पढ़ें

शेरों के सोहर गाओ!… अखिलेश यादव ने इटावा सफारी में नीरजा के प्रसव पर दी बधाई, शेरनी ने 4 शावकों को दिया जन्म

Published on:
10 Mar 2026 12:15 pm
Also Read
View All

अगली खबर