
Gorakhpur Rain News: गोरखपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है। कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आ रही हैं, गलियां पानी में डूबी हैं और कई घरों में भी बारिश का पानी घुस गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में जटेपुर शामिल है, जहां लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर गोरखपुर की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स भाजपा सांसद रवि किशन के उस पुराने बयान का जिक्र कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने गोरखपुर को "स्पेन जैसा शहर" बनने की बात कही थी। अब लोग मौजूदा हालात की तस्वीरें शेयर करते हुए तंज कस रहे हैं और शहर की बदहाल व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार बारिश के बाद जटेपुर इलाके में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। सड़क और नाले में अंतर करना मुश्किल हो गया है। कॉलोनियों की गलियां पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं और कई मकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। इससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। बच्चों का स्कूल जाना, लोगों का दफ्तर पहुंचना और जरूरी सामान लाना तक मुश्किल हो गया है। कई परिवारों का कहना है कि हर साल बारिश में उन्हें इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जटेपुर के पार्षद पवन सिंह का आरोप है कि समस्या केवल स्थानीय बारिश की नहीं है। उनके अनुसार चकसा हुसैन, पंचपेड़वा, हुमायूंपुर, संत झूलेलाल नगर, दिग्विजयनगर और पुराने गोरखपुर समेत कई इलाकों का बारिश का पानी भी जटेपुर के एक छोटे नाले में मोड़ दिया जाता है। जब एक साथ कई इलाकों का पानी नाले में पहुंचता है तो उसकी क्षमता जवाब दे देती है। नतीजा यह होता है कि नाला ओवरफ्लो होकर पानी सड़कों और फिर घरों में भर जाता है।
बारिश के बाद वायरल हो रहे वीडियो पर लोगों ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि शहर को स्मार्ट बनाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन हर बारिश में वही जलभराव की तस्वीरें सामने आ जाती हैं। कुछ लोगों ने रवि किशन के पुराने बयान का जिक्र करते हुए व्यंग्य किया, जबकि कई यूजर्स ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था बनाने की मांग उठाई। हालांकि, यह सोशल मीडिया पर व्यक्त लोगों की प्रतिक्रियाएं हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही जटेपुर और आसपास के इलाकों में जलभराव आम बात हो जाती है। लोगों का आरोप है कि वर्षों से समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से जल निकासी का काम जारी है, लेकिन लोग चाहते हैं कि अस्थायी राहत के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे हर मानसून में शहर को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।