
Gorakhpur Crime News: गोरखपुर में स्पा सेंटर और होटलों की आड़ में नाबालिग से देह व्यापार कराने के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। जांच में संगठित गिरोह के तौर पर काम करने की पुष्टि के बाद 11 आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि किशोरियों को होटल और स्पा सेंटर में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद नशीला पदार्थ देकर उन्हें बंधक बनाया जाता और ग्राहकों को अटेंड करने के लिए मजबूर किया जाता था।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य किशोरियों को स्पा सेंटर और होटल में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर बंधक बना लिया जाता था। आरोप है कि नाबालिग को भी इसी तरह अपने कब्जे में रखने के बाद स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों को अटेंड करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपित किशोरी की आंखों में दवा डालते थे और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेसुध कर देते थे। इसके बाद उससे देह व्यापार कराया जाता था।
गोरखनाथ थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी 1 जनवरी को लापता हुई थी। वह अपने इंस्टाग्राम फ्रेंड के साथ करीमनगर स्थित एक होटल पहुंची थी। आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसका दोस्त मौका पाकर वहां से भाग निकला।
आरोप है कि होटल के मालिक और मैनेजर ने भी किशोरी के साथ ज्यादती की। इसके बाद उसे बेतियाहाता स्थित एक बिना बोर्ड वाले स्पा सेंटर भेज दिया गया। वहां उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। बाद में किशोरी को बड़हलगंज के एक स्पा सेंटर ले जाया गया, जहां उसके साथ दोबारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
इस मामले में पुलिस पहले ही होटल मालिक और मैनेजर के साथ स्पा के मैनेजर और नाबालिग दोस्त समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि जांच में संगठित आपराधिक सिंडिकेट की पुष्टि होने के बाद सभी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।
मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन एसएसपी ने छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। जांच में पाया गया था कि घर छोड़ने के बाद किशोरी उन होटल और स्पा सेंटरों में रुकी थी, जो इन पुलिसकर्मियों के अधिकार क्षेत्र में आते थे। करीब 17 दिनों तक किशोरी के लापता रहने और उसके साथ हुई गंभीर वारदात को समय रहते रोकने या उसका सुराग लगाने में नाकाम रहने के बाद 6 पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया था।