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‘यहां रोज 10 लोग मरते हैं, एक और मर जाएगा तो क्या हो जाएगा’: CMO का असंवेदनशील बयान, मुकदमा दर्ज

Lightening Accident: गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को गुंबदनुमा छत का स्लैब गिरने से मलबे की चपेट में आकर दो अधिवक्ता घायल हो गए, एक की अस्पताल में मौत हो गई जबकि दूसरे गंभीर हैं। दोनों अधिवक्ता अंतिम संस्कार में शामिल होने घाट पर गए थे।
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गोरखपुर

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anoop shukla

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Updated: 6 Sep 2026, 6:00 PM IST

gorakhpur news

आकाशीय बिजली गिरने से गिरा गुंबद (सोर्स: पत्रिका)

Gorakhpur News: रविवार को राजघाट बैकुंठ धाम में चबूतरे की छत गिरने से अंतिम संस्कार में शामिल होने आए घायल अधिवक्ता आलोक अस्थाना की मौत के बाद मृतक की पत्नी शालिनी अस्थाना ने सदर अस्पताल के सीएमओ और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।

पत्नी की तहरीर पर सीएमओ और अज्ञात पर मकदमा दर्ज

पत्नी की तहरीर पर कोतवाली थाने में सीएमओ और अस्पताल के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होने के बाद नाराज अधिवक्ताओं ने घेराव खत्म किया। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। उधर, मौके पर पहुंचे एसडीएम ने परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से राहत दिलाने का आश्वासन भी दिया।

परिजनों का आरोप… एक घंटे तक नहीं आई एम्बुलेंस

शालिनी अस्थाना पत्नी आलोक कुमार अस्थाना, निवासी राप्तीनगर फेज-4, थाना चिलुआताल ने बताया कि उनके पति 6 सितंबर को साथी अधिवक्ता संजय सिंह के साथ दाह संस्कार में राजघाट गए थे। चबूतरे पर बैठे थे, तभी छज्जा गिर गया और दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि सदर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया। सीएमओ ने कहा कि 'यहां रोज 10 लोग मरते हैं, एक और मर जाएगा तो क्या हो जाएगा।' एक घंटे तक एंबुलेंस भी नहीं मिली। पत्नी ने तहरीर में कहा है कि जानबूझकर इलाज न करने से उनके पति की मौत हुई है।

अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे मृत अधिवक्ता

राजघाट के गुरु श्री गोरक्षनाथ घाट पर रविवार सुबह सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विनोद की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके परिचित और अन्य लोग पहुंचे थे। शनिवार शाम उनकी माता का निधन हुआ था। रविवार सुबह करीब 11:30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए अंतिम संस्कार में शामिल लोग गुंबद के नीचे चले गए।

आकाशीय बिजली गिरने से गिरा गुंबद

इसी दौरान वज्रपात हुआ और गुंबद भरभराकर नीचे आ गया। गुंबद गिरते ही घाट पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। राप्तीनगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना और शक्तिनगर निवासी संजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

जिला अस्पताल में हुई अधिवक्ता की हुई मौत

दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां आलोक अस्थाना की मौत हो गई, गंभीर रुप से घायल संजय सिंह को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद डीएम और एसपी सिटी अस्पताल पहुंचे।

राप्तीनगर में रहने वाले वकील आलोक अस्थाना मूल रूप से कुशीनगर के सन्थू गांव के निवासी थे। वह दीवानी कचहरी में प्रैक्टिस कर रहे थे। परिवार में पत्नी शालिनी, बेटा आदित्य, बेटी सिद्धि और छोटा भाई है। उनका बेटा आदित्य पंजाब में एनआईटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी सिद्धि ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष में है। छोटा भाई बस्ती में रहकर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम करता है।