उत्तर प्रदेश (UP) में अब से आम उपभोक्ताओं की तरह ही बिजली निगम (Electricity Corporation) के 3200 पेंशनरों (Pensioners) के घर-घर जाकर टीम बिजली कनेक्शनों (Electricity Connection) की जांच करेगी।
उत्तर प्रदेश में अब से पेंशनरों के घर भी बिजली चेकिंग के दायरे में आएंगे। आम उपभोक्ताओं की तरह ही बिजली निगम (Electricity Corporation) के 3200 पेंशनरों (Pensioners) के घर-घर जाकर बिजली कनेक्शनों (Electricity Connection) की जांच की जाएगी। इसके लिए बकायदा एक अलग जांच टीम बनाई जाएगी जो पेंशनरों के घरों और परिसरों के तय प्वाइंट पर जांच करेगी। ये जांच 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। टीम की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। दरअसल, इन पेंशनरों को कुछ शर्तों के साथ में सस्ती बिजली मुहैया कराई जाती है। हालांकि इसमें भी अगल-अलग श्रेणी के पेशनरों के लिए अलग-अलग बिजली बिल तय किया गया है। इसीलिए अब से पेंशनरों के घरों में भी बिजली जांच कराई जाएगी।
पेंशनरों के खिलाफ मिल रही शिकायतें
बता दें कि पिछले काफी समय से लगातार पेंशनरों के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं शिकायतों पर ग्रामीण वितरण खंड प्रथम (पेंशन खंड) के अधिशासी अभियंता ने पेंशनरों के परिसर व बिजली बिलों की जांच कराने का फैसला लिया है। ये जांच उन पेंशनरों के लिए भी होगी जिन्होंने एसी की घोषणा की। उनके बिजली बिलों में 650 रुपये अप्रैल से सितम्बर तक बिजली बिल में चार्ज होता है। इसके लिए पेंशन खंड द्वारा गठित कमेटी के सदस्य रविवार से पेंशनरों के परिसरों की जांच करेंगे।
टीम की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
गौरतलब है कि खण्ड में करीब 3200 पेंशनर है। कमेंटी के सदस्य सभी के घर जाकर परिसर में लगे कनेक्शन, एसी की संख्या और विभागीय संयोजन के गलत इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी जुटाएंगे। वहीं जांच तीन बिंदुओं पर आधारित होगी जिसके अंर्तगत एक से अधिक परिसर पर विभागीय संयोजन का इस्तेमाल, बिजली बिल जमा की अद्यतन स्थिति और पेंशनरों के परिसरों में लगे एसी की संख्या होगी। ये जांच 31 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी। टीम की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।