
Gorakhpur News: बुधवार को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में सुबह लगी भयानक आग ने 21 लोगों की जान ले ली, हैरान करने वाली बात है कि इस होटल को सिर्फ छह कमरों की मंजूरी थी लेकिन सिस्टम के खेल से 5 मंजिलों पर 25 से ज्यादा कमरे बना लिए। होटल के पास फायर NOC नहीं थी और आने-जाने का एक ही रास्ता था, इस गंभीर लापरवाही ने भयावह कांड को अंजाम दे दिया।
दिल्ली की इस घटना के बाद गोरखपुर में भी लोगों के जेहन में भय बैठ गया है। बता दें कि जैसे जैसे गोरखपुर का विकास हो रहा है यहां ताबड़तोड़ होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, लाइब्रेरी आदि का निर्माण हो रहा है।
होटल व्यवसाय तो इस कदर फल फूल रहा है कि संकरी गलियों तक में होटलों का निर्माण हो रहा है। अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो यहां फायर विभाग की गाड़ियां तक नहीं पहुंच सकती हैं, व्यापार में अंधाधुंध पैसा कमाने की होड में सुरक्षा मानकों के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है।
फायर विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 6 सौ से अधिक होटल और रेस्टोरेंट संचालित हैं, इनमें से केवल 212 प्रतिष्ठानों के पास ही विभाग की NOC है। शेष प्रतिष्ठान बिना NOC के ही संचालित हो रहे हैं। इसके सत्यापन के दौरान नोटिस देते हुए पर्यटन विभाग को सूचना दी गई थी। बावजूद इसके मुख्य मार्ग से लेकर गली, मोहल्लों में खुले ये होटल और रेस्टोरेंट धड़ल्ले से चल रहे हैं। किसी कारण वश इन होटलों और रेस्टोरेंट में आग लगी तो भयावह अंजाम होगा।
सबसे बुरी स्थिति रेलवे स्टेशन रोड की है यहां लाइन से दर्जनों होटल बने है, गलियां भी संकरी हैं और कई होटलों में मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। फायर विभाग में दर्ज आंकड़ों के अनुसार जिले में सिर्फ 24 प्रतिष्ठानों ने होटल श्रेणी में, 125 ने गेस्ट हाउस श्रेणी में और 63 रेस्टोरेंट ने NOC प्राप्त की है।
हालांकि इनमें से कई प्रतिष्ठान होटल के रूप में संचालित किए जा रहे हैं। दूसरी और बड़ी संख्या में होटल और रेस्टोरेंट ऐसे हैं जो सभी नियमों को दर किनार करते हुए व्यवसाय चला रहे हैं।
कई प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरण, इमरजेंसी एंट्रेंस, फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या आग लगने की घटना में बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ताज्जुब की बात है कि पर्यटन विभाग और फायर विभाग के आंखों में धूल झोंक कर आसपास ही व्यवसाय कर रहे है लेकिन इन विभागों में बैठे अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
इस बावत CFO संतोष कुमार राय ने बताया कि सिर्फ 24 होटल और 125 गेस्ट हाउस और 63 को रेस्टोरेंट के नाम पर NOC दिया गया है। पर्यटन विभाग को भी यही रिपोर्ट दी गई है। समय-समय पर चेकिंग की जाती है। रजिस्ट्रेशन और कार्रवाई का अधिकार पर्यटन विभाग के पास है। पूर्व में हुए सत्यापन में जिले भर में 129 को नोटिस दिया गया था। एक बार फिर से सभी का सत्यापन कराया जाएगा। जिससे आगे चल कर कहीं कोई गंभीर घटना न हो।