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Gorakhpur Police News: गोरखपुर पुलिस अब रखेगी बेसहारा बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल, हर थाने में बनेगी स्पेशल यूनिट, सप्ताह में 3 दिन चलेगा अभियान

Gorakhpur Zone News: गोरखपुर जोन के प्रोन्नत ADG मुथा अशोक जैन ने मानवीय दृष्टिकोण से बुजुर्गों और बच्चों के केयर के लिए बड़ा कदम उठाया है। ADG मुथा अशोक जैन ने निर्णय लिया है कि बुजुर्गों और बच्चों के केयर के लिए गोरखपुर जोन के सभी जिलों के हर थाने में एक यूनिट स्थापित किया जाएगा।

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बुजुर्गों और बच्चों की केयर के लिए सभी थानों में बनेगी स्पेशल यूनिट (फोटो- पत्रिका)

गोरखपुर में सिटीजन पुलिसिंग को और धार देने के लिए प्रोन्नत DG गोरखपुर मुथा अशोक जैन ने गोरखपुर जोन के सभी थानों में कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (CPU) का गठन किया जाएगा। अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) जोन के स्तर से जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत यह यूनिट बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों के साथ ही जिले में जरूरतमंद लोगों की सहायता के साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जाएगा।

हर थाने में बनेगी कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट

प्रोन्नत DG जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन ने कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट को तत्काल प्रभाव से स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस सिस्टम के तहत जोन के प्रत्येक थाने में एक इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर को यूनिट का प्रभारी बनाया जाएगा। उनके साथ दो पुरुष और दो महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। यूनिट सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार को क्षेत्र में सामुदायिक गतिविधियां संचालित करेगी। इसके लिए अलग रजिस्टर में सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

बुजुर्गों के दरवाजे तक पहुंचेंगी पुलिस

शहर के मंदिरों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों की मदद की जिम्मेदारी भी यूनिट की होगी। पुलिस अनाथालय, वृद्धाश्रम और महिला-बाल कल्याण संस्थानों का दौरा कर वहां की समस्याओं का समाधान कराने में सहयोग करेगी।

SOP के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और गंभीर दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर पुलिस उनसे नित्य संपर्क बनाएगी। पुलिस खुद बुजुर्गों के घर पर उनका हाल लेने पहुंचेगी। यदि किसी तरह की इमरजेंसी आती है तो उन्हें संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

स्कूली बच्चों की सुरक्षा के तहत पुलिसकर्मी स्कूल खुलने और बंद होने के समय मौजूद रहेंगे। बच्चों को सुरक्षित सड़क पार कराने में मदद करने के साथ ही क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले अथवा अनफिट स्कूल वाहनों की जानकारी थाना प्रभारी को दी जाएगी। छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, साथ ही पुलिस का भय बच्चों में खत्म करने के लिए समय समय पर थानों आदि का भी भ्रमण कराया जाएगा।

हर जिले में नोडल अधिकारी बनेगा एक ASP

जोन स्तर पर जारी निर्देशों के अनुसार, CPU लॉ-ऑर्डर संबंधी कार्रवाई नहीं करेगी बल्कि समाज और पुलिस के बीच भरोसा बढ़ाने का कार्य करेगी। प्रत्येक जिले में ASP को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा मासिक समीक्षा रिपोर्ट जोन मुख्यालय को भेजी जाएगी।