
Gorakhpur news: SSP गोरखपुर डॉ. कौस्तुभ ने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कड़ा कदम उठाते हुए 42 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी एवं आरक्षियों को उनके तैनाती स्थलों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है।
आदेश के अनुसार SI विजय प्रताप सिंह (चौकी टीपी नगर), SI गिरीश मिश्र (चौकी विश्वविद्यालय), SI शक्ति रंजन (थाना कैंट), SI अभिषेक कुशवाहा (थाना गुलरिहा), SI ओम प्रकाश (थाना हरपुर बुदहट), SI अमित सिंह (थाना कैंपियरगंज) व SI उपेन्द्र कुमार (थाना रामगढ़ताल) को पुलिस लाइन भेजा गया है।
इसी प्रकार मुख्य आरक्षी राजेश सिंह (थाना गोरखनाथ) को भी लाइन हाजिर किया गया है।इसके अलावा आरक्षी अशुतोष यादव (कोतवाली), अमित सिंह (तिवारीपुर), आनन्द यादव (तिवारीपुर), अरुण यादव (गगहा), जयप्रकाश यादव व ज्वाला सिंह (शाहपुर), आशीष यादव व मिथुन प्रसाद (गगहा), अशोक कुमार यादव (हरपुर बुदहट), रितेश साहनी (कैंपियरगंज)
प्रकाश सिंह (पीपीगंज), विनय कुमार (झंगहा), लवकुश (गीडा), अभिषेक यादव (गीडा), उमेश यादव (सहजनवा), राकेश सिंह व हरिशंकर गुप्ता (बेलघाट), राजू यादव (खोराबार), भानु प्रताप सिंह (चिलुआताल), उमेश कुशवाहा (रामगढ़ताल), अजीत यादव (बड़हलगंज), इमरान अहमद व नायब कुरैशी (पिपराइच)
विजय कुमार (उरुवा), जितेन्द्र सिंह (गोरखनाथ), राकेश कुमार गौड़ (रामगढ़ताल), धर्मवीर सिंह (राजघाट), भीम पटेल (कैंट), अवनीश कुमार व प्रेम दुर्गा गौड़ (गुलरिहा), राजेश यादव (गोला), सूर्यभान यादव व रविन्द्र यादव (बड़हलगंज) तथा प्रकाश सिंह (चौरीचौरा) को भी उनके-उनके थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।
SSP द्वारा की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन कड़ा करने और फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोरखपुर में एम्स थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे गैंगस्टर एक्ट के तहत देवरिया के रहने वाले अपराधी रजनीश तिवारी उर्फ पिंटू की बाइक जब्त की है। जिसकी कीमत करीब 52 हजार रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि यह गाड़ी उसने अपराध की कमाई से खरीदी थी।
एम्स थाने में दर्ज केस (मु0अ0सं0 40/2025) यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी रजनीश तिवारी के खिलाफ 'यूपी गिरोह बंद व समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986' की धारा 14(1) के तहत जब्ती की यह कार्रवाई की गई है।