गोरखपुर

Swami Avimukteshwaranand: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा, CM योगी भी रहे निशाने पर

Gorakhpur News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज 81 दिनों में 403 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा पूरी कर गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यात्रा की शुरुआत भी गोरखपुर से हुई थी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देगा, वे उसी का समर्थन करेंगे।
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Jul 22, 2026
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ( सोर्स: पत्रिक)

Swami Avimukteshwaranand: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्ट यात्रा का समापन हो गया, बता दें कि उनकी यह यात्रा गोरखपुर से ही 81 दिन पहले शुरू हुई थी। यात्रा के समापन के बाद मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने धर्म और संविधान दोनों की ही लाज नहीं रखी।

देश में चल रहे हलचल पर शंकराचार्य ने कहा कि देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। अब इसे सरकार उत्तर कोरिया बनाना चाहती है। बता दें गो माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर 3 मई 2026 को गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से अपनी यात्रा शुरू की थी। जो कि 21 जुलाई को गोरखपुर शहर में पहुंचकर समाप्त हुई।

गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगने तक जारी रहेगा आंदोलन

अपनी प्राथमिकताओं को बताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का अभियान था। 81 दिनों में लाखों लोगों का समर्थन मिला और देशभर में गौ संरक्षण का संदेश पहुंचा। उन्होंने दोहराया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र अपने भविष्य के लिए कर रहे हैं आंदोलन

शंकराचार्य ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर बोला कि देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। उनका कहना था कि छात्र किसी राजनीतिक दल या संगठन के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यदि कोई भी उनके भविष्य की गारंटी देगा तो युवा उसके साथ खड़े हो जाएंगे। इसलिए इस आंदोलन को किसी एक पार्टी या संगठन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।'

पुलिस लाठीचार्ज विकल्प नहीं

शंकराचार्य ने कहा कि संसद की ओर बढ़ रहे छात्रों के सामने पुलिस और सुरक्षा बल हथियारों के साथ खड़े थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि जिस तरह छात्रों के साथ सख्ती की गई, उसी तरह भविष्य में आम नागरिकों के साथ भी व्यवहार किया जा सकता है। लोकतंत्र में विरोध की आवाज का जवाब संवाद से होना चाहिए, बल प्रयोग से नहीं, सरकार किसी आंदोलन को बंदूक से न दबाए।

सरकार तानाशाही की ओर बढ़ रही है, आवाजें दबाई जा रही हैं

शंकराचार्य ने कहा कि देश में आज सरकार के विरोध में आवाज उठाने पर उसे दबाया जा रहा है। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा यदि यही स्थिति बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब भारत की स्थिति उत्तर कोरिया जैसी हो जाएगी।

24 जुलाई के कार्यक्रम की प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

शंकराचार्य ने कहा कि 24 जुलाई को लखनऊ में उनकी आशीर्वाणी सेना का संकल्प समारोह प्रस्तावित था। इसके लिए लगभग एक महीने पहले ही मैदान का शुल्क जमा कर दिया गया था और पंद्रह दिन पहले प्रशासन को अनुमति के लिए आवेदन भी भेज दिया गया था। इसके बावजूद आज तक अनुमति नहीं दी गई। सरकार द्वारा जानबूझकर उनके कार्यक्रम को विफल करने की कोशिश है। शंकराचार्य ने कहा- गविष्ठि यात्रा के दौरान लगातार प्रशासनिक दबाव बनाया गया। यात्रा को सफल होने से रोकने के लिए प्रशासन ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद लोगों का समर्थन लगातार बढ़ता गया।

कार्यकर्ता अपने विधानसभा क्षेत्र में संकल्प कार्यक्रम करें

शंकराचार ने कहा कि अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपनी आशीर्वाणी सेना को निर्देश दिया है कि सभी कार्यकर्ता अपनी-अपनी विधानसभा में संकल्प कार्यक्रम आयोजित करें। वे स्वयं लखनऊ में पहुंचकर कार्यक्रम संपन्न करेंगे, सरकार के प्रशासनिक दबावों से वे डरने वाले नहीं।

Updated on:
22 Jul 2026 04:04 pm
Published on:
22 Jul 2026 04:04 pm