गोरखपुर के तहसील सदर सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने स्वयं उपस्थित होकर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर अधिकारियों के न आने से कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने चार सीओ, एक नायब तहसीलदार व नौ थानाध्यक्षों सहित 46 का एक दिन का वेतन रोक दिया है।
शनिवार को वह सदर तहसील में डीआइजी आनंद कुलकर्णी के साथ लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। जब कमिश्नर ने सभी अधिकारियों के बारे में पूछा तो पता चला कि विभिन्न विभागों के 46 अधिकारी, कर्मचारी आए ही नहीं हैं।
कमिश्नर ने कहा कि जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस इसी उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इसमें उपस्थित न रहना अगंभीर कार्यशैली को दर्शाता है। लोगों की समस्या का समय से एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर ने सीओ कैंट, सीओ गोरखनाथ, चौरी चौरा व कैंपियरगंज का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पिपराइच के नायब तहसीलदार पर भी कार्रवाई हुई है। संपूर्ण समाधान दिवस पर न आने के कारण राजघाट, तिवारीपुर, कोतवाली, शाहपुर, चिलुआताल, बेलीपार, झंगहा, पीपीगंज, महिला थाना के प्रभारियों का वेतन भी रोक दिया गया है। पिपरौली व चरगांवा के खंड विकास अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरगांवा, पिपराइच के उप मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक अभियंता बाढ़, सहायक अभियंता PWD, सहायक अभियंता नलकूप द्वितीय, सहायक अभियंता निर्माण खंड भवन का वेतन बाधित किया गया है। इसके साथ ही अवर अभियंता लघु सिंचाई, उप नगर आयुक्त, खोराबार, पिपरौली के एडीओ (पंचायत), जंगल कौड़िया, खोराबार, भटहट, पिपरौली, पिपराइच के एडीओ (सहकारिता) का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया गया है। मत्स्य पालक विकास अभिकरण, उप श्रमायुक्त,आबकारी निरीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जंगल कौड़िया, भटहट के सहायक विकास अधिकारी कृषि,खोराबार के सहायक विकास अधिकारी, डिप्टी आरएमओ का भी एक दिन का वेतन रोका गया है। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न आने पर आगे की कार्रवाई होगी।