
गुना. जिले में दो दो सिपाहियों के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने की सूचना से पूरा जिला भयाक्रांत था। साथ ही पुलिस महकमा भी सकते में आ गया था। हालांकि, राहत वाली खबर यह कि दोनों आरक्षकों की कोरोना रिपोर्ट नेगटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक व पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली है।
पहला मामला उज्जन में तैनात एसएएफ आरक्षक विजय शर्मा से जुड़ा हुआ था। पहली रिपोर्ट विजय शर्मा की कोरोना पाॅजिटिव आई थी। महत्वपूर्ण यह कि विजय शर्मा की तैनाती उज्जैन में थी लेकिन डीआईजी होसंगाबाद अरविंद सक्सेना के बेटे, जो इंदौर में कोचिंग करता है, का खाना बनाने के लिए विजय शर्मा को तैनात किया गया था। जब इंदौर में कोरोना के मामले बढ़े तो विजय ने छुट्टी लेकर गुना जिले में स्थित अपने गांव जाने का निर्णय लिया और बाइक से रवाना हो गया। लाॅकडाउन के दौरान जगह जगह पूछताछ के दौरान वह गांव जाने की बात छुपाता रहा और खुद को शासकीय कार्य से जाना बताया। करीब छह दिनों तक गांव में बिना सूचना के ही घूमता रहा। 28 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली तो उसे क्वारंटीन किया गया। सैंपल जांच की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य महकमा से लेकर पुलिस विभाग सतर्क हो गया। उसकी ट्रेवेल हिस्ट्री निकाली गई। क्वारंटीन कराने का सिलसिला शुरू किया गया। हालांकि, दूसरी रिपोर्ट नेगटिव आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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दूसरा मामला पुलिस विभाग के रेडियो शाखा से जुड़ा हुआ था। गुना के रेडियो शाखा में तैनात एक और आरक्षक को आइसोलेट कर दिया गया है। आरक्षक भोपाल में ड्यूटी करने के बाद ग्वालियर के प्रधान आरक्षक के साथ वाहन से लौटा था। प्रधान आरक्षक ग्वालियर में कोरोना पॉजीटिव आया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस महकमा सकते में आ गया, वजह यह कि प्रधान आरक्षक विभागीय तमाम लोगों से मिला था।
पुलिस अधीक्षक ने तत्काल आरक्षक को जिला अस्पताल में आइसोलेट कराया और रेडियो शाखा के दूसरे स्टॉफ को एबी रोड स्थित संजोग गार्डन में क्वारंटटीन कराया।
रेडियो शाखा का यह आरक्षक गुना आने के बाद विभाग के कई लोगों के संपर्क में रहा और विभागीय कामकाज भी करता रहा। स्वास्थ्य विभाग ने रेडियो आरक्षक और रेडियो शाखा के दूसरे स्टॉफ के सैम्पल लेकर कोरोना जांच के लिए भेज दिए हैं।
रेडियो शाखा के आरक्षक के गुना जिले में आने के बाद उसके संपर्क में आये सभी लोगों की जानकारी विभाग ने जुटाने के साथ उनको क्वारंटीन करना शुरू कर दिया है।
आरक्षक की सूचना देने में लापरवाही की होगी जांच
आरक्षक के जिले में वापस आने की जानकारी से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने में की गई लापरवाही के लिये रेडियो शाखा प्रभारी निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस लापरवाहीपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों को भी दी जाएगी। आरक्षक के भोपाल से गुना लौटने तक के संपूर्ण घटनाक्रम की जांच करने के लिये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना टी.एस. बघेल को जांचअधिकारी बनाया गया है।
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उधर, इस घटना के बाद प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया था। आरक्षक के संपर्क में आने के संबंध में फिर से जानकारी एकत्र की जा रही। हालांकि, बाद में आरक्षक का रिपोर्ट नेगटिव आने के बाद विभाग ने कुछ राहत की सांस ली लेकिन एहतियात जारी है।
एसपी तरुण नायक का कहना है कि आरक्षक को तत्काल क्वारंटीन करा दिया है। इसकी संपूर्ण कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर ली गई है तथा इस संपूर्ण घटनाक्रम की जांच के लिये एडिशन एसपी को आदेशित किया गया हैं। स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है इससे घबराने या डरने जैसी कोई बात नहीं है तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें।