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Guna News: रानी रोशनी मंदिर के जंगल में मिला तेंदुए का शव, चारों पंजे, सिर और पूंछ गायब

Leopard Poaching Case: उमरी चौकी क्षेत्र के चीरा घाट स्थित रानी रोशनी मंदिर के जंगल में मिला शव, वन विभाग ने अंगों की तस्करी की आशंका जताई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा मौत के कारणों का खुलासा।
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Jul 30, 2026
guna leopard
leopard found dead with missing body parts , तेंदुए के शव की तलाश में जाते वनकर्मी (source-patrika)

Guna Leopard Poaching Case: मध्यप्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र की उमरी चौकी अंतर्गत चीरा घाट स्थित रानी रोशनी मंदिर के जंगल में तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। शव की हालत देखकर प्रथम दृष्टया शिकार कर उसके अंगों की तस्करी किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

शव 4-5 दिन पुराना होने की आशंका

वन विभाग के अनुसार शव करीब चार से पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। सड़-गल जाने के कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वारदात कुछ दिन पहले हुई होगी। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा कि तेंदुए की मौत किस तरीके से हुई और शिकार में किस प्रकार के हथियार या तरीके का इस्तेमाल किया गया है। वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) अक्षय राठौर ने प्रारंभिक जांच के आधार पर तेंदुए के शिकार की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृत तेंदुए का सिर, चारों पंजे और पूंछ गायब हैं। इसके अलावा शरीर की ऊपरी खाल, गुप्त अंग और कुछ अन्य हिस्से काटे गए हैं। घटनास्थल पर कटे हुए अंग नहीं मिले, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि शिकारी उन्हें अपने साथ ले गए हैं।

अंगों की तस्करी की आशंका

प्रारंभिक जांच में मामला वन्यजीवों के अवैध शिकार और अंगों की तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है। वन विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के जंगलों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है और संभावित संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि जिस क्षेत्र में तेंदुए का शव मिला है, वहां पहले कभी उसकी नियमित मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। ऐसे में यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि शिकारी तेंदुए की गतिविधियों तक कैसे पहुंचे और इतनी सुनियोजित तरीके से वारदात को कैसे अंजाम दिया। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अंधविश्वासी धारणाओं से वन्यजीव संकट में

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार तेंदुए के पंजे, नाखून, दांत, खाल और कुछ अन्य अंगों को लेकर समाज में कई तरह की अंधविश्वासी धारणाएं फैली हुई हैं। कुछ लोग इन्हें तंत्र-मंत्र, सौभाग्य, शक्ति या अन्य कथित चमत्कारी मान्यताओं से जोड़ते हैं, जबकि इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इसी तरह की भ्रांतियों और अवैध वन्यजीव व्यापार की मांग के कारण तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्यजीव शिकारियों के निशाने पर आ जाते हैं। वन विभाग लगातार लोगों से ऐसी अफवाहों और अंधविश्वासों से दूर रहने की अपील करता रहा है।

Updated on:
30 Jul 2026 08:42 pm
Published on:
30 Jul 2026 08:42 pm