
गुना से वीरेन्द्र जोशी की रिपोर्ट
Guna Theft FIR Delay: मध्यप्रदेश के गुना जिले के मधुसूदनगढ़ में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कानून व्यवस्था का ढिंढोरा पीटने वाली पुलिस पीड़ितों को न्याय दिलाने में कितनी तत्पर है, इसका ताजा उदाहरण दिरौली गांव में देखने को मिला है। यहां 7 महीने पहले हुई लाखों रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने अब एफआइआर दर्ज की है। पीड़ित फरियादी सात महीने तक थाने के चक्कर काट-काटकर अपने जूते घिसता रहा और पुलिस मामला टालती रही।
दिरौली गांव में रहने वाले 48 वर्षीय टीकाराम शर्मा के घर पर 27 दिसंबर 2025 को चोरी की वारदात हुई थी। फरियादी टीकाराम ने बताया कि वो उस दिन सुबह पूजा-अर्चना के लिए महुआपुरा गए थे और दोपहर में उनकी पत्नी भी काम से बाहर गई थीं। शाम को जब वे घर लौटे तो पीछे का दरवाजा टूटा मिला और अलमारी में रखे सोने के दो मंगलसूत्र व चांदी के जेवरात गायब थे। उसी समय मदद की आस लेकर थाने पहुंचे, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे बार-बार टाल दिया।
पीड़ित टीकाराम के मुताबिक कई महीनों तक पुलिस थाने की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उसे खाली हाथ लौटा दिया गया। सात महीने बाद 28 जुलाई 2026 को पुलिस ने केस दर्ज करने की औपचारिकता पूरी की है। अब सवाल यह उठता है कि इतने महीनों बाद पुलिस क्या जांच करेगी और चोरों का क्या सुराग लगाएगी? मधुसूदनगढ़ पुलिस की इस लेट-लतीफी ने पुलिस महकमे की साख पर बड़ा बट्टा लगा दिया है। इस मामले पर जब मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी गोपाल चौबे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे समय की घटना नहीं है, जो भी परिस्थितियां रहीं हों मैं कुछ नहीं कह पाऊंगा। मुझे महीनेभर पहले प्रभार मिला है, मेरे संज्ञान में आते ही मामला दर्ज किया गया है।