ग्वालियर

कब चलेंगी 100 ई-बसें ! पीएम ई-बस योजना में पिछड़ा एमपी का ग्वालियर शहर, 3 महानगरों में ट्रायल भी शुरु

E-buses: पीएम ई-बस योजना फिर देरी की शिकार, जबकि इंदौर-भोपाल-जबलपुर में ट्रायल शुरू हो चुके हैं।
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E-buses: पीएम ई बस सेवा (Photo Source - Patrika)
E-buses: पीएम ई बस सेवा (Photo Source - Patrika)

Gwalior news: एमपी के ग्वालियर शहर को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन देने का दावा करने वाली पीएम ई-बस योजना ग्वालियर में एक बार फिर देरी की पटरी पर पहुंच गई है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में ई-बसों का ट्रायल शुरू हो चुका है, लेकिन ग्वालियर में अभी रमौआ डिपो और आइएसबीटी पर तैयारियां ही पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में शहरवासियों को 100 इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा कब मिलेगी, इसका कोई स्पष्ट जवाब जिम्मेदारों के पास नहीं है।

प्रशासनिक सुस्ती, तकनीकी कारणों और कानूनी अड़चनों के चलते पहले से विलंबित प्रोजेक्ट अब और खिंचता नजर आ रहा है। पहले चरण में 60 बसें आने की उम्मीद है, जबकि कुल 100 ई-बसों का संचालन किया जाना है। इसके लिए अफसर पीथमपुर, भोपाल और इंदौर जाकर संचालन व्यवस्था का जायजा भी ले चुके हैं। कलेक्शन एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है। अपर आयुक्त एवं पीएम ई-बस के नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार का कहना है, आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर कार्य अंतिम चरण में है। काम पूरा होते ही बसें लाने की तैयारी है।

ग्वालियर तैयारी में ही अटका

इंदौर, भोपाल और जबलपुर में ट्रायल शुरू होने के बावजूद ग्वालियर में ई-बसें अभी सड़क पर उतरने से काफी दूर हैं। रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए के सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य किए जा रहे हैं। रमौआ में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एचटी कनेक्शन सहित कई काम होने हैं। आइएसबीटी डिपो को भी ई-बस संचालन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, लेकिन काम की गति को लेकर सवाल बने हुए हैं।

बसें आई तो निगम पर बढ़ सकता है बोझ

ई-बस संचालन नगर निगम के लिए आर्थिक चुनौती भी बन सकता है। ऑपरेटर को प्रति किलोमीटर 58.14 रुपए का भुगतान होना है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 22 रुपए प्रति किलोमीटर और निगम को कलेक्शन से करीब 36.14 रुपए प्रति किलोमीटर मिलने की उम्मीद है। हालांकि इंदौर और भोपाल के अनुभव में कलेक्शन 22-23 रुपए प्रति किलोमीटर तक ही रहने की बात सामने आ रही है। ऐसे में करीब 14-15 रुपए प्रति किलोमीटर का अतिरिक्त भार निगम को उठाना पड़ सकता है।

10 रूट तैयार, बसों का इंतजार

शहर में ई-बसों के संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण भी कर लिया है। बसें आते ही इन्हीं मार्गों पर संचालन शुरू किया जाना है। प्रस्तावित 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर करीब 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं होंगी। डिस्प्ले पर बस के रूट और आगामी स्टॉप की जानकारी भी यात्रियों को मिलेगी।

Updated on:
17 Aug 2026 04:37 pm
Published on:
17 Aug 2026 04:32 pm