
Cyber fraud: नंबर खोजने पर हुई ठगी (Photo Source - Patrika)
Gwalior news:एमपी के ग्वालियर शहर में साइबर ठग अब लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ग्वालियर में सामने आए दो मामलों में ठगों ने एक सर्जन को शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर 50 लाख 12 हजार 196 रुपए ठग लिए, जबकि दूसरी घटना में ईएनटी डॉक्टर का मोबाइल नंबर खोज रही महिला को गूगल पर मिले फर्जी नंबर के जरिए निशाना बनाया और उसके खाते से 49 हजार 997 रुपए निकाल लिए। दोनों मामलों में ठगों ने पहले भरोसा जीता और फिर मोबाइल में ऐप या फाइल डाउनलोड कराकर ठगी को अंजाम दिया।
सनवैली, सिरोल निवासी सर्जन नवदीप चव्हाण (51) ने पुलिस को बताया कि उन्हें तीन अनजान नंबरों से वाट्सएप कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताकर निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद उन्हें 'एलाइट वीआइपी ग्रुप बी' में जोड़ दिया गया। ग्रुप में हार्दिक दोषी नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया और प्ले स्टोर से 'बीआर नोवा' ऐप डाउनलोड कराया। आरोपी के कहने पर डॉक्टर ने शेयर खरीदने के नाम पर अलग अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। ऐप पर निवेश और मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती रही, जिससे उन्हें भरोसा होता रहा कि पैसा शेयर बाजार में लगाया जा रहा है। रकम निकालने का प्रयास करने पर ठगों ने टैक्स और ऐप चार्ज के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी।
सर्जन के अनुसार 29 जुलाई से 7 अगस्त के बीच ठगों ने उनसे कुल 50 लाख 12 हजार 196 रुपए ट्रांसफर कराए। इसमें 49.82 लाख रुपए आइएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस से, जबकि 30 हजार रुपए यूपीआइ के जरिए जमा कराए गए। जब डॉक्टर ने निवेश की रकम और मुनाफा वापस निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने नया बहाना बनाया। उन्होंने शेयर से हुए मुनाफे पर 25 प्रतिशत टैक्स और 10 प्रतिशत ऐप चार्ज जमा करने को कहा। डॉक्टर ने अतिरिक्त रकम देने से मना किया तो उन्हें वाट्सएप ग्रुप से हटा दिया और संपर्क बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। ई-जीरो के माध्यम से दो एफआइआर दर्ज कराई गई। ऑनलाइन शिकायत के आधार पर सिरोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरे मामले में महावीरगंज, मुरार निवासी अंकित गुप्ता की पत्नी प्रियंका साइबर ठगों का शिकार हो गईं। उनकी दादी को ईएनटी डॉक्टर से चेकअप कराना था। इसके लिए उन्हें गोविंदपुरी स्थित डॉ. हरिओम शर्मा की क्लिनिक में अपॉइंटमेंट लेना था। प्रियंका ने डॉक्टर का मोबाइल नंबर गूगल पर खोजा। गूगल पर डॉक्टर के नाम से दर्ज नंबर पर उन्होंने कॉल किया। सामने वाले ने खुद को डॉक्टर के क्लिनिक का कर्मचारी बताया और अपॉइंटमेंट बुक करने के नाम पर मोबाइल पर एक फाइल भेजी। फाइल इंस्टॉल करते ही साइबर ठगों ने मोबाइल पर कब्जा कर लिया और बैंक खाते से 49 हजार 997 रुपए निकाल लिए।
प्रियंका ने पुलिस को बताया कि खाते में जमा रकम उन्होंने लाड़ली बहना योजना और गैस सब्सिडी से मिले पैसों से जोड़ी थी। ठगों ने 28 जुलाई को पहली बार खाते से रकम निकाली। प्रियंका को 5 अगस्त को ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दोनों घटनाओं में ठगों ने पहले पीड़ित का भरोसा जीता। एक मामले में शेयर बाजार का विशेषज्ञ बनकर व्हाट्सएप ग्रुप और ऐप का सहारा लिया गया, जबकि दूसरे में गूगल पर डॉक्टर के नाम से फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज कर क्लिनिक कर्मचारी बनकर बात की गई। इसके बाद मोबाइल में ऐप या फाइल डाउनलोड कराकर ठगी की गई।
Updated on:
17 Aug 2026 03:23 pm
Published on:
17 Aug 2026 03:23 pm
